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थाने से ही मिल जाएगी गरबे की अनुमति

7 वर्ष पहले
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उज्जैन। गरबा आयोजन की अनुमति इस बार थाने से ही आयोजकों को मिल जाएगी। पहले अनुमति के लिए थाने से लेकर एसडीएम कार्यालय तक के चक्कर लगाना पड़ते थे। गरबे को लेकर चल रहे बयानों के कारण पुलिस सुरक्षा को लेकर अलर्ट है। सभी गरबा आयोजन स्थलों की सूची बनाई गई है।
पुलिस तो सुरक्षा देगी ही, वहीं आयोजकों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 25 सितंबर से नवरात्रि प्रारंभ होगी। इसी के मद्देनजर रविवार शाम पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के साथ गरबा मंडल पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया कि गरबे के लिए आयोजकों को संबंधित थाने से फार्म मिलेगा। फार्म भरकर वहीं जमा करना होगा।
पुलिस कार्यालयीन औपचारिकता पूरी कर दूसरे दिन अनुमति पत्र थाने से ही दे देगी। अनुमति पत्र पर शर्तों के साथ थाने से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के नंबर भी होंगे। बैठक में एएसपी राजेश व्यास, एडीएम अवधेश शर्मा, सीएसपी विजय डावर, एसडीएम रोहन सक्सेना सहित 50 आयोजक उपस्थित थे।
पुलिस प्रशासन के गरबा स्थलों को कवर्ड कर पासधारी दर्शकों को ही इंट्री देने के फरमान का विरोध शुरू हो गया है। पुराने शहर फ्रीगंज के कई क्षेत्रों कॉलोनियों में वर्षों से गरबों के आयोजन खुले में होते आए हैं। एक-एक लोगों को पास जारी करना भी संभव नहीं है।
रविवार को आयोजकों की प्रशासन के साथ हुई बैठक में भी यह मुद्दा उठने के बाद पुलिस प्रशासन ने कहा कि वे अनुमति तो दे देंगे लेकिन आयोजकों को सुरक्षा के मद्देनजर सजग रहना होगा। वहीं छत्री चौक पर 24 साल से गरबा आयोजन कर रही संस्था श्रीराम स्पोटर्स ने गरबा आयोजन नहीं करने का निर्णय लिया है। नौ दिन माता की आरती होगी।
शहर के गरबा आयोजक बोले
''माधवनगर गुजराती गरबा मंडल के नाम से तंबाकू बाजार में खुला गरबा करते 80 वर्ष हो गए। पूरी तरह गरबा स्थल कवर्ड नहीं कर सकते। गुजराती गरबे देखने शहर उमड़ता है। सभी को पास देना संभव नहीं।'' -रमणभाई पटेल,अध्यक्षतंबाकू बाजार फ्रीगंज

''शर्मा परिसर में समाज के साथ दूर-दूर से आम लोग फैमिली के साथ गरबे देखने आते हैं। ऐसे में प्रशासक का एक-एक को पास से इंट्री देने का निर्णय समझ से परे है।''- लव मेहता, महासचिवमप्र नागर ब्राह्मण परिषद
''पास देने का निर्णय मान्य नहीं। यहां समाज के साथ आम लोग गरबे देखने आते हैं। सुरक्षा व्यवस्था पदाधिकारी ही संभालते हैं।'' -संजय आचार्य, अध्यक्षगुजराती समाज नई सड़क

''39 वर्ष में कभी विवाद नहीं हुआ। यहां क्षेत्र के लोग ही गरबा करते हैं। जनता बेरिकेड्स के बाहर से देखती है। संस्था के लोग, गरबे करने वाले पास लगाकर रहते हैं। आम लोगों को पास देना संभव नहीं।'' -शेरू जायसवाल,गरबाआयोजक, डाबरी पीठा

''यह व्यापारिक क्षेत्र का गरबा है। शहर भर के लोग यहां का गरबा देखने उमड़ते हैं। आम लोगों की अंदर इंट्री ही नहीं होती। बाहर से जनता गरबा देखती है। पास नहीं दे सकते हैं।'' जितेंद्र पुजारी, गरबाआयोजक, नईपेठ

किसी भी मंदिर पर पार्किंग का ठेका नहीं, वसूली हो तो करें शिकायत
नवरात्रिमें कई मंदिरों के बाहर साइकिल स्टैंड बनने की शिकायत पर एसडीएम सक्सेना ने कहा कि प्रशासन ने कहीं भी पार्किंग का ठेका नहीं दिया है। कहीं भी अवैध स्टैंड बनाकर जबरिया वसूली हो तो लोग शिकायत करें। बैठक में कोतवाली सीएसपी (आईपीएस) मयंक अवस्थी, सीएसपी एआर नायक, महाकाल मंदिर प्रशासक जयंत जोशी सभी टीआई भी मौजूद थे।

स्थल कवर्ड नहीं कर सकते तो रस्सी बांधें :''आयोजक गरबा स्थल पर टेंट नहीं लगा सकते तो रस्सी या बैरिकेड्स से कवर्ड करें। पास भी जारी नहीं कर सकते तो ऐसी स्थिति में सिर्फ परिचित लोगों को ही गरबा करने दें। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार तय समय रात 11 बजे तक ही कार्यक्रम करें।'' राजेश व्यास एएसपी शहर ।