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मार्च से नर्मदा का पानी सप्लाई का प्रस्ताव
शहरको मार्च 2015 से नर्मदा का पानी देने का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा जाएगा। इस साल अल्पवर्षा की स्थिति को देखते यह तैयारी की जा रही है। इस तरह 2015 की बारिश में गंभीर डेम में आया पानी सिंहस्थ के लिए बचाकर रखा जाएगा।
मेला अधिकारी ननि आयुक्त अविनाश लवानिया ने गुरुवार को पीएचई नगर निगम और पीएचई शासन के अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक में मेले के लिए बनाई गई योजनाओं की समीक्षा की और पूरे सिस्टम को समझकर निर्देश दिए। मेले की पेयजल व्यवस्था पीएचई अधीक्षण यंत्री वीके तिवारी देखेंगे। निर्माण से लेकर मेला क्षेत्र में डाली जाने वाली पाइप लाइनें, पेयजल की आपूर्ति और मेले के दौरान व्यवस्था संचालन को लेकर प्रत्येक बिंदू पर पीएचई अधिकारी एक सप्ताह में डे-टू-डे योजना (वाॅटर मैनेजमेंट) बनाकर देंगे। इसमें निर्माण कार्यों के टेंडर निकलने, खोलने और काम चालू और खत्म होने तक की तारीख होगी।
पानीसबसे बड़ी चिंता
इसअल्पवर्षा के कारण प्रशासन की पानी की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। राज्य शासन ने सिंहस्थ 2016 में नर्मदा-शिप्रा लिंक योजना से पानी की आपूर्ति की बात कही है लेकिन मेला प्रशासन मार्च 2015 से नर्मदा का पानी लेने का प्रस्ताव तैयार करेगा। मार्च से नर्मदा का पानी मिलने लगता है तो गंभीर डेम से पानी की आपूर्ति कम की जाएगी तथा पानी को 2016 के लिए बचाकर रखा जाएगा। शिप्रा से पानी लेने की क्षमता बढ़ने से यह सुविधा मिल जाएगी और गंभीर पर निर्भरता कम होगी। नर्मदा का पानी चालू हो जाने से सिंहस्थ के दौरान स्नान के लिए पानी की कमी नहीं रहेगी। बैठक में ननि अधीक्षण यंत्री विमल सोनी, पीएचई ईई आरके श्रीवास्तव, एई अतुल तिवारी, मुकेश गर्ग और अन्य अधिकारी शामिल थे।