ग्रांड होटल का रिटेंडर
नगर निगम की ऐतिहासिक ग्रांड होटल का जीर्णोद्धार के लिए रिटेंडर जारी किया गया है। इधर टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने वाले एक ठेकेदार ने निगम को टेंडर को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने की सूचना दी है। इससे मामले उलझता नजर रहा है।
सिंहस्थ 2016 की तैयारी के क्रम में सिंहस्थ मद से इसका नवीनीकरण और आधुनिक सुख सुविधाएं जुटाने का काम होना है। सिंहस्थ की साधिकार समिति ने इस योजना को मंजूरी दी है। निगम ने इसके लिए 1.41 करोड़ रु. लागत के कामों का टेंडर जारी किया था। टेंडर प्रक्रिया के बाद मे. विमल चंद जैन का टेंडर का चयन किया गया था। टेंडर को मंजूरी के लिए महापौर परिषद में भेजने के पूर्व एक अन्य ठेकेदार द्वारा आपत्ति लगाई गई। इस पर आयुक्त अविनाश लवानिया के निर्देश पर निगम के तकनीकी अधिकारियों द्वारा मामले की जांच कर रिटेंडर करने की अनुशंसा की गई। महापौर परिषद ने भी इसके लिए निर्देश दिए। इस पर रिटेंडर जारी किया गया। इधर मे. विमलकुमार जैन ने कार्यपालन यंत्री जोन चार को सूचना दी है कि उक्त टेंडर को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। इसलिए रि-टेंडरिंग प्रक्रिया रोकी जाए।
सिंहस्थ के कामों में लगातार रुकावट रही है। सिंहस्थ मेला कार्यालय भवन, फ्रीगंज ओवरब्रिज, खान डायवर्सन योजना और अब ग्रांड होटल जीर्णोद्धार को लेकर याचिका दायर की जा रही है। इसकी नागरिकों में चर्चा है। ग्रांड होटल को हेरिटेज होटल के रूप में विकसित करने की योजना यदि अटकती है तो निगम की इस शानदार इमारत के जीर्णोद्धार का सपना अधूरा रह जाएगा। इसे सिंहस्थ के पहले तैयार करने का टारगेट है। टेंडर प्रक्रिया में देरी होती है तो सिंहस्थ के पहले काम पूरा होना मुश्किल है।