मावठे से गेहूं-चना उपज को फायदा
गेहूंके लिए मावठे की बारिश वरदान साबित हुई है। चने में अिधक फायदा पहुंचा है। जहां पानी बहकर निकला ऐसे स्थानों पर चने की बोवनी कर दी। मंडी व्यापार में भी गेहूं और चने के तंग चल रहे भाव पर सस्ते की स्थिित बताई जा रही है। मंडी नीलाम में गेहूं के भाव सामान्य रहे। कारोबारी भी स्टॉक का गेहूं बेचने लगे हैं। किसानों के अनुसार मावठे की बारिश से फसलें संभल गई। गेहूं से खेत ढंके हैं। चने में भी फूल आने लगे हैं। एक िसंचाई का काम होने के बाद उपज अच्छी िमलने की आशा है। मंडी में किसान उपज बेचने के बाद यूिरया खाद के लिए भटक रहे हैं। दुकान-दुकान खाद की मांग किसान कर रहे लेकिन िनराशा हाथ लग रही है। समय पर खाद नहीं मिले तो उपज से नुकसान ही मिले।
गेहूं1730 रुपए बिका : मंडीमें गेहूं ऊंचे में 1730 रुपए बिका। मिल क्वािलटी 1500 से 1545 रुपए बिका। मालवराज और पोषक में भाव कमजोर रहे। गेहूं में मांग अच्छी आने की संभावना बताई गई है। इंदौर जैसी उज्जैन मंडी में शनिवार को व्यापारी मंडी प्रारंभ हो गई। 400 बोरी का व्यापार गेहूं चने का हो गया। भाव में कोई खास कमाल नहीं हुआ।
सोयाबीन3371 रुपए बिका : मंडीमें सोयाबीन के भाव बगैर तेजी मंदी के स्थिर बने रहे। बीज वाला सोयाबीन 3371 रुपए बिका। स्टॉक वालों की खरीदी रुकने के बाद बीज वाले खरीदी में आने लगे हैं। व्यापारी तो सोयाबीन में आगे मंदी वाली ही बताई जा रही। उज्जैन मंडी में बड़ी पार्टी सोयाबीन खरीदने में उत्सुकता दिखा सकती है। टॉप सोयाबीन और 9305 की डिमांड भी इन पािर्टयों को रहेगी। 4000 रुपए की आशा में किसानों के पास सोयाबीन रुका होने से मंडी में भी खरीदार ऊंचे भाव पर खरीदी से पीछे हटने लगे हैं। सोयाबीन का मंडी सीजन तो हो गया लेकिन वर्षभर सामान्य आवक बनी रहने की संभावना है। डीओसी के सौदे रुकने से प्लांट ऊंचे भाव पर खरीदार नहीं है। महाराष्ट्र लाइन पर भेजा जाने वाला सोयाबीन बगैर रोक टोक और कम्पलीट कागज से ही लोड हो रहा है। वर्ष के आिखरी माह में सोयाबीन के बड़े सौदे की स्थिित नहीं बताई जा रही है।
येकैसा बीज : व्यापारजगत में सोयाबीन बीज के व्यापार को लेकर चर्चा का बाजार गरम है। अच्छी क्वािलटी ग्रेडिंग करवाकर बीज बन जाती है। बगैर उपचार के सोयाबीन के बीज बनने से आिखर नुकसान तो किसान को ही होगा। इस व्यापार में फायदा होने से आपसी प्रतिस्पर्धा और खींचतान सा