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38वें दीक्षा दिवस उत्सव पर समस्त साधिका सम्मान
महासतीअनुपमा श्रीजी म.सा. का 38वां दीक्षा दिवस महोत्सव रविवार को मनाया। अनुपमा श्रीजी को समस्त साधिका सम्मान से नवाजा गया।
नानाखेड़ा स्थित यात्रिका परिसर में 38वें दीक्षा दिवस महोत्सव का आयोजन हुआ। महोत्सव में श्रमण संघ के उपाध्याय रवींद्र मुनिजी म.सा. के अलावा जीणेश्वराजी म.सा. आैर वीरती साधना म.सा. भी उपस्थित हुईं। संत मंडल की अगवानी के बाद दीक्षा महोत्सव शुरू हुआ। जिसमें श्रीवर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ नमकमंडी की ओर से अनुपमा श्रीजी को समस्त साधिका सम्मान दिया गया। अतिथि डॉ. सागरमल जैन (शाजापुर) थे। अध्यक्षता विमलचंद मूथा ने की। जैन कांफ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष नेमनाथ जैन, राष्ट्रीय महामंत्री रमेश भंडारी सहित अन्य अतिथियों ने अभिनंदन पत्र शाल-श्रीफल भेंटकर सम्मान किया। इसके बाद अनुपमा श्रीजी ने सभी समाजजनों को संयम पथ के बारे में प्रवचन दिए। कार्यक्रम में सुनील श्रीमाल, रामचंद्र श्रीमाल, प्रकाश गोकरू, प्रकाशचंद्र सूर्या, चंद्रप्रकाश गादिया, अजय जैन, अनिल भटेवरा, नरेंद्र दरड़ा, शैलेंद्र लूणावत, प्रदीप सुराना, प्रमोद भटेवरा सहित सैकड़ों समाजजन उपस्थित थे। प्रवीण बम ने समाज के गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए डॉ. बसंतीलाल बम की स्मृति में 1.51 लाख रुपए शीतल धार्मिक परमार्थिक न्यास की ओर से देने की घोषणा की। सोमवार सुबह 9.15 बजे से नमकमंडी महावीर भवन में रवींद्र मुनिजी के प्रवचन होंगे।
पीएचडी करने के एक वर्ष बाद ली दीक्षा
उत्सवसंयोजक सुनील श्रीमाल ने बताया मुंबई निवासी अनुपमा श्रीजी ने 1976 में उज्जैन से ही डॉ. शिवमंगल सिंह सुमन के निर्देशन में जैन चारित्र साहित्य विषय पर पीएचडी की थी। पीएचडी करने के एक वर्ष बाद ही 1977 में उन्होंने दीक्षा ली थी। अनुपमा श्रीजी के बाद उनकी तीन बहनों भांजी ने भी दीक्षा ली। बहन वीरती साधना म.सा. भांजी जीणेश्वराजी म.सा. भी महोत्सव में उपस्थित हुईं।
कार्यक्रम में मौजूद जैन संत समाजजन।