शीतलहर के बीच मुंबई के दास का गजल गायन
मंगलनाथमार्ग स्थित मौन तीर्थ गंगाघाट पर मौनी बाबा के तीन दिवसीय स्वर्ण जयंती महोत्सव का रविवार रात समापन हो गया। समापन संध्या पर मुंबई के गायक चंदन दास की भजन संध्या हुई, जिसमें कड़ाके की ठंड के बीच भजन, गजल आैर मशहूर शायरों की बंदिशों को सुनने के लिए श्रोता देर रात तक जुटे रहे। चंदन दास ने आज जाने की जिद ना करो, चांदी जैसा रंग है तेरा, एक प्यार का नगमा है, होठों से छू लो तुम सहित अन्य गजलों के साथ भजन आैर ठुमरी भी सुनाई। उनके साथ सोनाली दत्ता (मुंबई), उस्ताद इकबाल खान (वायलिन), जीतू शंकर (तबला) आैर पीयूष शंकर (डब) ने संगत की। कार्यक्रम में मौनी बाबा के साथ मानस भूषण डॉ. सुमनभाई, उप्र के डीजीपी डॉ. संजय कुमार तरड़े, त्रिपुरा की महारानी विभुकुमारी देवी, सांसद प्रतिनिधि ओमप्रकाश गुप्ता, प्रो. जीतेश पोरवाल, डॉ. एसएस सलूजा डॉ. मसीह, न्यास अध्यक्ष अर्चना शर्मा आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम को डॉ. सुमनभाई ने भी संबोधित किया। स्वागत संचालन कैलाश विजयवर्गीय ने किया।
दोसम्मान की घोषणा
गायनसे पहले सम्मान समारोह आयोजित हुआ, जिसमें उत्तराखंड की डॉ. मंजुला राणा को विदुषी विद्योत्तमा स्त्री शक्ति सम्मान से नवाजा गया। उन्हें 51 हजार रुपए एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इनके अलावा राष्ट्र विभूति जटायु सम्मान के लिए हैदराबाद की डॉ. सुनीता के नाम की घोषणा हुई। डॉ. सुनीता ने हजारों महिलाओं एवं बच्चों को अनैतिक व्यापार आैर मानव तस्करी के जाल से मुक्त कराया है, जिसको लेकर कुछ दिनों पहले उन पर हमला भी हुआ। उपचाररत होने के कारण उन्हें हैदराबाद जाकर सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में नईदिल्ली के उद्योगपति राजीव गुप्ता एवं चंद्रकांत जयपुरिया की ओर से नि:शुल्क सेवा के लिए एंबुलेंस का भी लोकार्पण किया गया।
गजलों की प्रस्तुति देते मुंबई के दास अन्य।
पंचामृत से मौनी बाबा का अिभषेक करते श्रद्धालु।