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- सजने से पहले ही महाकाल वन पर चोरों की नजर
सजने से पहले ही महाकाल वन पर चोरों की नजर
बगीचों की रैलिंग चोरों ने काट ली।
महाकाल वन को साकार करेंगे
प्रोजेक्टक्षेत्र को शास्त्रों में बताए गए महाकाल वन के समान विकसित किया जा रहा है। यहां आने वाले यात्रियों को भगवान महाकाल और धार्मिक महत्व की जानकारी मिल सके, इसके प्रावधान किए हैं। इसका महत्वपूर्ण भाग इन्टरप्रिटेशन सेंटर है, जहां प्रदर्शनी, ऑडियो-वीडियो, नाट्य मंचन और संग्रहालय के माध्यम से यात्रियों को जानकारी दी जाएगी।
पुराणोंके अनुसार लगेंगे पौधे
महाकालवन को सजाने के लिए ऐसे पेड़-पौधे लगाए जाएंगे, जिनका उल्लेख पुराणों में है। शिव को प्रिय पौधे अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे। वृक्ष त्रिवेणी, नक्षत्र वाटिका के अलावा पंचवटी भी विकसित होगी। यहां आकर शोधार्थी शिव प्रिय वनस्पतियों की जानकारी ले सकेंगे।
भासं. उज्जैन. नगरनिगम द्वारा करीब 47 करोड़ रु. से सजाया जा रहा महाकाल वन प्रोजेक्ट क्षेत्र पर चोरों की नजर पड़ गई है। महाकालेश्वर मंदिर के पीछे विकसित हो रहे निर्माण कार्य और सौंदर्यीकरण के काम अभी पूरे भी नहीं हुए हैं कि चोरों ने हाथ साफ करना शुरू कर दिया है। हाल ही में लैंड स्केपिंग के लिए बनाए गए बगीचों की रैलिंग चोरों ने काट ली। महंगी किस्म की रैलिंग के बड़े हिस्से चोरों ने साफ कर दिए हैं। हालांकि नगर निगम ने चोरों के खिलाफ अब तक कोई शिकायत नहीं की है। निर्माण कार्यों के चलते ठेकेदारों का सामान भी चोरी होता रहा है। ठेकेदारों द्वारा निगम अधिकारियों को की गई शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। नतीजतन चोरों को हौसले बुलंद हैं। चोरों ने पत्थर की दीवारें भी क्षतिग्रस्त कर दी। कई बार महंगे पौधे भी चोरी हो चुके हैं। चोरी की घटनाओं को देखते प्रोजेक्ट क्षेत्र के चारों तरफ बाउंड्रीवाॅल बनाने का भी निर्णय लिया गया था। अब तक बाउंड्रीवाॅल का काम पूरा नहीं हुआ है।