उज्जैन। सिंहस्थ2016 में श्रद्धालुओं के लिए जुटाई जाने वाली मूलभूत सुविधाओं,सड़क चौड़ीकरण ब्रिज निर्माण को लेकर इंदौर हाईकोर्ट में लगाई गई जनहित याचिका में तय समय में जवाब नहीं पेश किए जाने के मामले में सोमवार को न्यायालय के समक्ष कलेक्टर कवींद्र कियावत नगर निगम आयुक्त अविनाश लवानिया पेश होंगे। हाईकोर्ट ने उन्हें पेश होने के आदेश दिए थे।
मंथन पारमार्थिक ट्रस्ट की ओर से सिंहस्थ में श्रद्धालुओं के लिए जुटाई जाने वाली मूलभूत सुविधाएं जिनमें ड्रेनेज सिस्टम, पड़ाव क्षेत्र, पेयजल आदि सड़क चौड़ीकरण तथा ब्रिज निर्माण को लेकर इंदौर हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगा रखी है, जिसमें यह मुद्दा उठाया गया है कि जिन सड़कों के चौड़ीकरण की जरूरत है और उन्हें चौड़ीकरण में शामिल भी किया गया था लेकिन अब इन सड़कों का चौड़ीकरण नहीं किया जा रहा है। याचिका पर 16 जुलाई को हाईकोर्ट ने आदेश दिए थे कि प्रतिवादियों को िबंदुवार जवाब प्रस्तुत करें। इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया गया था। तीन माह निकल जाने के बाद 11 सितंबर की रात में जवाब प्रस्तुत किए जाने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई है। उन्होंने आदेश दिए कि सोमवार को कलेक्टर नगर निगम आयुक्त उपस्थित हों।
जनहित याचिका में यह लिखा: सिंहस्थके मद्देनजर शहरी क्षेत्र की जिन सड़कों का चौड़ीकरण आवश्यक है, उन्हें चौड़ा नहीं किया जा रहा है। इनमें केडी गेट से निकास चौराहा, देवासगेट से महाकाल मार्ग, चामुंडा माता चौराहा से प्रेमछाया परिसर होते हुए नई सड़क, आगर रोड पर गाड़ी अड्डे से निकास चौराहा, कोयलाफाटक से गोपाल मंदिर मार्ग, कमरी मार्ग से मंगलनाथ मंदिर, ढाबा रोड से टंकी चौराहा आदि सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा ड्रेनेज सिस्टम, पड़ाव स्थल आदि को लेकर याचिका लगाई गई है।