पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • किशोरावस्था में विद्यार्थियों के मनोविज्ञान को समझें पैरेंट्स

किशोरावस्था में विद्यार्थियों के मनोविज्ञान को समझें पैरेंट्स

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भासं.उज्जैन। किशोरावस्थामें विद्यार्थियों की सोच के साथ अन्य कई परिवर्तन होते हैं, जिसका असर उनके व्यवहार पर भी पड़ता है। ऐसे में पैरेंट्स को चाहिए कि वे बच्चों के मनोविज्ञान को समझें आैर उन्हें हतोत्साहित करें। सेंटमेरी स्कूल में रविवार को हुई स्कूली विद्यार्थियों के अभिभावकों की एक दिनी कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों ने पैरेंट्स को कुछ ऐसी ही समझाइश दी। संजोस इंस्टीट्यूट ऑफ काउंसिलिंग एवं कॅरियर गाइडेंस की ओर से सेंटमेरी स्कूल में किशोरावस्था में विद्यार्थियों के मनोविज्ञान को समझने के लिए अभिभावकों के लिए एक दिनी कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता अब्राहम बोस (रांची) एवं संस्था निदेशक फादर एन्टोनी थे। फादर एन्टोनी ने पारिवारिक जीवन के महत्व के बारे में बताया। मिशनरी स्कूलों के पीआरओ फादर एन्टोनी जोसेफ ने बताया अध्यक्षता सेंटमेरी स्कूल की प्राचार्य सिस्टर रोशन ने की। संचालन फादर जोसेफ ने किया।