पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • रुद्रसागर को संवारने जुटे हजारों हाथ, 1 मीटर गहरा किया

रुद्रसागर को संवारने जुटे हजारों हाथ, 1 मीटर गहरा किया

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
श्रमदान| 18 जनवरी से चल रहा अभियान, पांच हजार से ज्यादा लोगों ने बहाया पसीना, 21 दिन में 1400 ट्रैक्टर-ट्राॅली और 700 डंपर मलबा निकाला।
उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर के पास हरसिद्धि मंदिर के सामने स्थित पौराणिक रुद्रसागर की सफाई और गहरीकरण का काम नागरिकों ने अपने हाथ में लेकर सरकार के 80 लाख रु. बचाए हैं। 18 जनवरी से चल रहे श्रमदान अभियान में अब तक 5 हजार से ज्यादा लोगों ने भागीदारी कर 1400 ट्रैक्टर ट्राली और 700 डंपर मलबा निकाल दिया। करीब दो एकड़ के इस तालाब को करीब एक मीटर गहरा कर दिया। यह अभियान अभी 15 दिन और चलने की संभावना है।

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने 27 दिसंबर 14 को सिंहस्थ कार्यों के अवलोकन के दौरान रुद्रसागर की गंदगी देख नाराजगी जताई थी। इस पर नगर निगम ने इसके विकास के लिए करीब 6 करोड़ रुपए की योजना बनाई। ननि परिषद अध्यक्ष सोनू गेहलोत ने रुद्रसागर के एक हिस्से की सफाई को जन अभियान बनाना तय किया। अभियान में सफाई और गहरीकरण का 80 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।

रोज सुबह जुटते हैं लोग : रुद्रसागर के श्रमदान में रोज सुबह 9 से 11 बजे तक श्रमदान के लिए सैकड़ों लोग जुटते हैं। अभियान में अब तक 215 संस्थाओं के लोगों ने भागीदारी की है। जो लोग अपने काम-काज की व्यस्तता और अन्य कारणों से श्रमदान में भाग नहीं ले पा रहे उनसे अब तक करीब 6 लाख रु. का दान मिला है।

आगे यह होगा : अभियान का नेतृत्व कर रहे सोनू गेहलोत के अनुसार मकसद केवल एक बार सफाई करना ही नहीं अपितु स्थायी व्यवस्था करना भी है। इसके विकास के कामों की तकनीकी देखरेख के लिए प्रो. उमेश पेंढारकर इंजीनियरिंग कॉलेज की टीम आगे आई है तो भारती ज्ञानपीठ की टीम आसपास के रहवासियों का सर्वे कर यहां सफाई के लिए काम करेगी। नगर निगम की ओर से एक वाहन 24 घंटे उपलब्ध रहेगा जो रुद्रसागर, महाकाल और हरसिद्धि क्षेत्र में कचरा एकत्र करेगा। यात्रियों के लिए डस्टबिन की व्यवस्था होगी।

रुद्रसागर का पौरािणक महत्व : स्कंद पुराण में सप्तसागरों का धार्मिक महत्व बताया गया है। इन सागरों पर अधिकमास में यात्रा होती है तथा देवताओं का पूजन किया जाता है। रुद्रसागर इनमें से प्रमुख सागर है।