गीता जैसा ग्रंथ आज भी प्रासंिगक
भास्कर संवाददाता. उज्जैन। विक्रमविवि की दर्शनशास्त्र अध्ययनशाला में चेतना का विकास-श्रीमद भागवत गीता के संदर्भ में, विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन हुआ। जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में इस्कॉन मंदिर के स्वामी सिद्धानन ने कहा कि गीता जैसा ग्रंथ आज भी प्रांसगिक है आैर भगवान श्रीकृष्ण को संसार के सबसे बड़े योगी के रूप में माना जाता है। जिन्होंने योग दर्शन की अवधारणा को जीवन में उतारते हुए चेतन अवचेतन मन को नियंत्रित जागृत करने का संदेश दिया। स्वागत भाषण डॉ. एसके मिश्रा ने दिया। संचालन डॉ. पूजा व्यास ने किया एवं आभार मोहन पटेल ने माना।