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जो बाबू दिखते थे, वे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी निकले
कई पटवारी नहीं पहुंचे मुख्यालय पर
कलेक्टरने इसके पहले एक और आदेश जारी किया था। इसके तहत पटवारियों को मुख्यालय पर ही निवास करना है। मिली जानकारी के अनुसार इस आदेश का अब तक आधे से अधिक पटवारियों ने पालन नहीं किया है। खास बात यह है कि मुख्यालय पर निवास करना तो दूर वे फिल्ड में ही नहीं जा रहे हैं। कलेक्टर ने प्रति मंगलवार अपने हल्का क्षेत्र में जनसुवाई के लिए भी पटवारियों को निर्देश दिए थे। बावजूद जनसुनवाई से भी कई पटवारी गायब रहे।
भास्कर संवाददाता. उज्जैन।
कलेक्टोरेट में लंबे समय से जो बाबू नजर आते थे। वे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी निकले। यह जानकारी कलेक्टर कवींद्र कियावत के एक आदेश के बाद सामने आई है। दरअसल कलेक्टर ने कुछ दिन पहले जिले के सभी विभागों के चपरासियों को वर्दी पहनकर काम पर आने के आदेश जारी किए थे। सुधार के लिए कलेक्टर ने तीन दिन का समय दिया था। जिस पर अब कोठी पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की संख्या दिखाई देनी लगी है। बावजूद अभी भी कुछ कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्होंने लोगों को गफलत में डाल रखा है। ऐसे कर्मचारी कमीज तो सफेद पहन रहे है लेकिन पेंट कहीं काला अन्य रंगों का पहन रहे हैं जबकि उन्हें पेंट और शर्ट एक ही कपड़े से बना सफेद पहनना है।
तहसीलोंमें स्थिति जस की तस
वर्दीपहनने के मामले में कोठी पर भले ही सुधार है लेकिन तहसील जनपद कार्यालयों में स्थिति जस की तस है। यहां पदस्थ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अब तक बाबू नुमा रंगीन कपड़े ही पहन रहे हैं, जिस पर अभी भी जिले के कई विभागों में ये पहचान कर पाना मुश्किल है कि कौन बाबू और कौन चपरासी है।
^मुख्यालयपर निवास नहीं करने वाले कुछ पटवारी और वर्दी नहीं पहने वाले कुछ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के नाम सामने आए हैं। इनकी जांच की जा रही है। जांच सही पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।\\\'\\\' पवनजैन, अपरकलेक्टर