उज्जैन। 9 माह में 50 लाख रुपए की लागत से तैयार की गई जमीन से 80 फीट ऊंचे हिमालय पर्वत पर विराजीं शिव-पार्वती की अद्भुत प्रतिमा के श्रद्धालु नवरात्रि से दर्शन कर सकेंगे। यह देश की छठी सबसे ऊंची शिव प्रतिमा है। उज्जैन में उदयन मार्ग स्थित 19 वर्ष पुराने मां वागेश्वरी मंदिर में 60 फीट चौड़ी पर्वत पर विराजीं 51 फीट ऊंची शिव-पार्वती की सबसे विशाल प्रतिमा हजारों टन सरिए, 5 हजार सीमेंट बोरी से बनाई गई है, जिसे सांवेर के मूर्तिकार नंदकिशोर प्रजापत ने 50 लोगों की टीम की मदद से जनवरी 2014 से सितंबर के बीच 9 माह में तैयार किया।
वागेश्वरी मंदिर के संचालक दीपक जुनेजा, धीरज जुनेजा ने बताया प्रतिमा को कलाकार ने पर्वत पर शिवलिंग से प्रकट होते दिखाया है। बीच में शेष नाग, आसपास नंदी और सिंह हैं। हिमालय से बह रही जलधाराएं नीचे कुंड में विराजीं मां गंगा का अभिषेक कर रही हैं। 25 सितंबर से शुरू हो रही नवरात्रि से श्रद्धालु मंदिर में स्थापित इस नई प्रतिमा के दर्शन कर सकेंगे। नवरात्रि में यहां मेला लगेगा।
यहांभी विशाल प्रतिमाएं : मप्र में जबलपुर की कचनार सिटी में 76 फीट, दिल्ली में 74 फीट और उड़ीसा के महाबलेश्वर में 61 फीट ऊंचे महादेव की प्रतिमा के दर्शन होते हैं।
वागेश्वरी मंदिर में हिमालय पर विराजित शिव-पार्वती की प्रतिमा प्रांगण में बना शेर, जिसके मुंह से होकर लोग प्रवेश करेंगे।
पहाड़, जंगल और शेर के मुंह से रास्ता: वागेश्वरी मंदिर पत्थरों की दीवार से बना है, जो पहाड़ जैसा लगता है। यहां पेड़-पौधों की हरियाली के बीच पत्थरों के वानर, मोर पशु-पक्षियों की प्रतिमाएं देखने लायक हैं। 50 फीट ऊंची मां वागेश्वरी की प्रतिमा के दर्शन कर श्रद्धालु शेर के मुंह से होकर हिमालय पर विराजे विशाल शिव-पार्वती की नई प्रतिमा के दर्शन करेंगे।
देश की ये सबसे बड़ी पांच प्रतिमाएं
122 फीट कर्नाटक के मुरुदेवश्वर में प्रतिमा बैठी हुई मुद्रा में है।
108 फीट सिक्किम में शिव सिद्धेश्वर धाम में शिव प्रतिमा।
100 फीट उत्तराखंड के हरिद्वार में शिव की खड़ी प्रतिमा।
85 फीट कर्नाटक बीजापुर में शिवा गिरि के नाम से प्रतिमा है।
- 82 फीट गुजरात नागेश्वर में स्थित शिव प्रतिमा।
विश्व की सबसे बड़ी शिव प्रतिमा
143 फीट नेपाल के सांगा में कैलाशनाथ महादेव।
(शिव-पार्वती की देश में छठी बड़ी प्रतिमा, इस नवरात्रि से देख सकेंगे श्रद्धालु )
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