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कैंपस में सन्नाटा, काम बंद, राजनीित शुरू

7 वर्ष पहले
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उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय में तोड़फोड़ और कुलपति प्रो. कौल से अभद्रता के केस में पुलिस ने वीडियो फुटेज से छह हंगामाइयों की शिनाख्त कर ली है। आरोपियों में विहिप और बजरंग दल पदाधिकारी अलकापुरी निवासी हेमंत पिता प्रीतमसिंह अरोदिया, अलखधाम का अंकित पिता अनिल चौबे, महानंदा नगर का नीरज उर्फ पिंटू पिता त्रिलोकचंद कौशल, देसाईनगर का महेश पिता दीवानसिंह यादव, नीमनवासा के विष्णु उर्फ अन्ना और महेश आंजना के नाम सामने आए हैं। इनमें से पुलिस ने अंकित चौबे अन्ना को गिरफ्त में ले लिया।
अन्य आरोपियों के शहर से भागने के कारण पुलिस उनका पता लगाने का प्रयास कर रही है। इधर पुलिस को 12 अन्य आरोपियों के नाम पता चले हैं लेकिन उनकी पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस फुटेज से शेष हंगामाइयों को पहचानने का प्रयास कर रही है।
युकां ने घेरा कंट्रोल रूम : घटना के विरोध में युवक कांग्रेस ने पुलिस कंट्रोल रूम घेरने की घोषणा की थी। नतीजतन सुबह से ही कंट्रोल रूम पर भारी फोर्स तैनात था। दोपहर करीब 12 बजे लोकसभा क्षेत्र अध्यक्ष हेमंतसिंह चौहान करीब सौ साथियों के साथ पहुंचे और नारेबाजी के बाद एसपी अनुराग को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। युकां ने जल्द कार्रवाई नहीं होने पर उज्जैन बंद करवाने की चेतावनी दी है। ज्ञापन देने वालों में पार्षद नाना तिलकर, प्रतीक जैन, अमित शर्मा, चंद्रभान सिंह चंदेल, संजय ठाकुर, राहुल तोमर, रहीम लाला आदि थे।

आईकार्ड से इंट्री की कवायद : परिचयपत्र के माध्यम से ही विवि में इंट्री देने की कवायद शुरू हो गई है। परिसर में सीसीटीवी कैमरें लगाने आैर गोपनीय विभाग के पास एक-चार के गार्ड वाली पुलिस चौकी स्थापित करने को लेकर भी मंथन चल रहा है। विक्रम कीर्ति मंदिर रोड के समीप बने गेट को बंद किया जा सकता है। इधर घटना के बाद पुलिस प्रशासन की ओर से मंगलवार को कुलपति प्रो. कौल को गनमैन भी उपलब्ध करवाया गया है। देर रात पुलिस ने हिंदुवादी नेताओं के घर पर आरोपियों की खोजबीन शुरू कर दी।
गुड्डू बोले पुलिस ने लगाई कमजोर धाराएं :पूर्व सांसद प्रेमचंद्र गुड्डू ने प्रेस वार्ता में कहा घटना की पुलिस खुद साक्षी है। बावजूद उन्होंने विहिप बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर मामूली धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है, जबकि धारा 307 (प्राणघातक हमला) धारा 452 (किसी परिसर में अनाधिकृत रूप से प्रवेश करना) के तहत मुकदमा दर्ज करना चाहिए था।

भाजपा ने पल्ला झाड़ा पर ऊपर तक रिपोर्ट मांगी: विक्रमविश्व विद्यालय में सोमवार को हुई तोड़-फोड़ और कुलपति के साथ दुर्व्यवहार की घटनाओं को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार नाखुश है। सरकार की ओर से उज्जैन के एक वरिष्ठ अधिकारी को मामले में निष्पक्ष कार्रवाई के लिए स्वतंत्र कर दिया है। इधर भाजपा ने इस घटना से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि बजरंग दल पार्टी का अनुशांगिक संगठन भी नहीं है। भाजपा तो कश्मीर के पीडितों की मदद के लिए सहायता जुटा रही है।

प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी पूरी घटना की जानकारी ली। इधर बजरंग दल के विभाग संगठन मंत्री शरद जोशी का कहना है संगठन भी नहीं चाहता ऐसी घटनाएं हो। यह कार्यकर्ताओं का तात्कालिक आक्रोश था। कुलपति के साथ कोई अभद्रता नहीं की गई। कार्यकर्ता कश्मीरी छात्रों की गुंडागर्दी और असामाजिक गतिविधियों का विरोध करने गए थे।

कांग्रेसियों ने सीएम का पुतला फूंका: हुड़दंग के खिलाफ मंगलवार शाम शहर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह का पुतला जलाया। इसके पहले शहर कांग्रेस की बैठक हुई जिसमें इस मामले पर नेताओं ने आक्रोश जताया घटना की निंदा की। पुतला सड़क पर फूंका जाना था लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी को देखते कांग्रेस नेताओं ने पार्टी कार्यालय की सीढ़ियां उतरते हुए ही पुतले को आग लगा दी। पुतला में आग भभकने से एक कार्यकर्ता के बाल जल गए। शहर अध्यक्ष अनंतनारायण मीणा, डॉ. बटुक शंकर जोशी, राजेंद्र भारती, उमेश सेंगर, हिमांशु जोशी, असलम लाला, प्रतीक जैन, आजम शेख, माया त्रिवेदी, चंद्रभानसिंह चंदेल, पार्षद रवि राय, राजेंद्र राठौर मौजूद थे।

नारेबाजी कर ज्ञापन देने पहुंचे प्रोफेसर्स कर्मचारी
घटनाके विरोध में मंगलवार दोपहर विवि के प्रोफेसर्स कर्मचारी विवि के मुख्य प्रशासनिक भवन के बाहर एकत्रित हुए। नारेबाजी के बाद रैली के रूप में सभी देवास रोड स्थित आईजी कार्यालय पहुंचे। यहां प्रोफेसर्स का एक प्रतिनिधि मंडल आईजी वी.मधुकुमार से मिला आैर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों पर भी उचित कार्रवाई करने की मांग रखी। आईजी मधुकुमार ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि इस दौरान ज्ञापन लेने के लिए आईजी के बाहर नहीं आने की बात को लेकर बाहर खड़े प्रोफेसर्स कर्मचारी बिना ज्ञापन दिए ही लौट गए। इसके बाद सभी संभागायुक्त कलेक्टर कार्यालय भी पहुंचे। यहां एडीएम अवधेश शर्मा को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन का वाचन विक्रम विवि शिक्षक संघ अध्यक्ष प्रो. एसके मिश्रा ने किया।

एसआई पर होगी कार्रवाई
विविमें हुई घटना में एसआई अभिषेक गौतम पर कार्रवाई हो सकती है। एसआई गौतम पर विवि के प्रोफेसर्स ने हंगामाइयों के परिचित होने और तोड़फोड़ के दौरान निष्क्रिय बने रहने का आरोप लगाया। वहीं घटना के वीडियो फुटेज में एसआई गौतम हंगामाइयों को मात्र समझाने का प्रयास करते दिखे है। हंगामाइयों पर सख्ती से कार्रवाई नहीं करने पर एसपी अनुराग ने नाराजगी जाहिर की है। मामले की जांच के बाद वे गौतम सहित मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई कर सकते है।

एनएसयूआई का कॉलेज बंद आज, स्कूल खुलेंगे : एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव विजय बोडाना एवं जिलाध्यक्ष प्रीतेश शर्मा ने बताया घटना के विरोध में बुधवार को जिला स्तरीय कॉलेज बंद का आहृान किया है। विवि की अध्ययनशालाओं सहित जिले के सभी शासकीय निजी कॉलेजों में जाकर बंद की अपील की जाएगी। कॉलेजों में परीक्षाओं आैर स्कूल बंद से मुक्त रखे गए हैं। घटना के बाद मंगलवार को बंद रहा विश्वविद्यालय बुधवार से फिर खुलेगा। कुलपति प्रो. कौल ने बताया कि मैं बुधवार को राइट टाइम ऑफिस जाऊंगा।

प्रदर्शन के बाद प्रोफेसर्स कर्मचारी कुलपति निवास पहुंचे। कुलपति ने हाथ जोड़कर अिभवादन किया। यहां कुलपति से चर्चा के बाद कुछ कर्मचारियों ने दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक काम बंद रखने की बात कही लेकिन प्रो. कौल ने कहा कि पढ़ाना हमारा मूल कर्तव्य है। सभी शिक्षक कर्मचारी बुधवार से काम पर लौटें।
मैं सहम गया, लगा अब कुछ भी हो सकता है:
उज्जैन. विक्रमविश्वविद्यालय में सोमवार शाम बजरंगियों और विहिप कार्यकर्ताओं के हंगामें के दूसरे दिन भी पूरा कुल सदमे में रहा। कैंपस में काम बंद होने से सन्नाटा पसरा रहा और घटना को लेकर राजनीित शुरू हो गई। मौके पर मौजूद रहते हुए भी कल जिन लोगों ने हंगामाइयों को पहचानने की हिम्मत नहीं दिखाई, मंगलवार को विरोध में उनकी मुटि्ठयां तन गई और नारों के लिए मुंह खुल गए। कुलपति आईसीयू से अपने घर पहुंच गए। पुलिस ने जांच की रस्म अदायगी तेज की और कुलपति के "सम्मान' में प्रोफेसर्स और कर्मचारी काम बंद हड़ताल के बीच कमिश्नर और आईजी को ज्ञापन देने रैली बनाकर पहुंचे।
कांग्रेस ने तत्काल मुद्दा भुनाया और मुख्यमंत्री के पुतले फूंक डाले। प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष, पूर्व सांसद समेत आधा दर्जन नेता सरकार को आड़े हाथ लेते और पुलिस को कोसते हुए कुलपति के घर पहंुचे। कैंपस में पूरा दिन काम हुआ, कक्षाएं लगी। बुधवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने जिलेभर के कॉलेजों में बंद का नारा बुलंद कर पूरे हादसे को राजनीितक मोड़ दे दिया है।
दूसरी तरफ भाजपा और हिंदुवादी संगठनों के जिम्मेदारों ने मामले से पल्ला झाड़ा है। दूसरे दिन भी कोई कुछ कहने को तैयार नहीं हुआ। राजनीितक हलको में चर्चा रही कि मामला राजभवन से लेकर सीएम और संगठन के आला अधिकारियों तक पहंुचा है, जो घटना से बेहद आहत बताए जाते हैं। कुलपति के बयान के बाद कुल में आई इस विपत्ति में शुरू हुए राजनीितक तमाशे को पूरा शहर दिनभर देखता रहा।
जब वो लोग (विहिप बजरंग दल कार्यकर्ता) आए तब मैंने उन्हें अंदर आने को कहा लेकिन उन्होंने धमकाने वाली शैली में कहाकि हमसे बात करनी पड़ेगी। सभी को अंदर बुलाया। उनमें एक युवक बैठा नहीं था आैर वो जोर-जोर से बोल रहा था। मुझे अंदाजा नहीं था कि ये लोग तोड़फोड़ करेंगे। अचानक उन्होंने तोड़फोड़ आैर सामान फेंकना शुरू कर दिया। पुलिस वाले माजरा देख रहे थे लेकिन मेरे कलिग्स मुझे बचाकर कोने में लेकर आए। तब लगा कि वो कुछ भी कर सकते हैं आैर अब कुछ भी हो सकता है। इनके पास चाकू भी हो सकते हैं। 10 मिनट तक यह तमाशा चला। मैं सहम गया आैर आंखों से आंसू निकलने लगे। तब लगा तबीयत बिगड़ रही है। घटना से काफी आहत हूं। मैं अब भी कश्मीरी छात्रों को लेकर दिए अपने बयान पर कायम हूं।
(जैसाकुलपति प्रो. कौल ने भास्कर से चर्चा में कहा)
कटारे बोले - मोदी को डेमेज करने के लिए सीएम और तोगड़िया की राजनीति
उज्जैन. विवि परिसर में घटी घटना भाजपा की अंदरूनी राजनीति का हिस्सा है। ऐसा लगता है नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान और प्रवीण तोगडिय़ा डेमेज कर रहे हैं क्योंकि मोदी और तोगडिय़ा के संबंध सबको पता है और मुख्यमंत्री तथा मोदी के संबंध भी सब जानते हैं। इसलिए मोदी को डेमेज करने के लिए मुख्यमंत्री ने तोगडिय़ा से समझौता कर लिया होगा और शायद इसका परिणाम कुलपति प्रो. कौल पर घटी वारदात रहा। यह बात कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे ने मंगलवार देर शाम कुलपति निवास पर मीडिया के सामने कही। वे कुलपति प्रो. कौल की खैर-खबर लेने उनके निवास पर पहुंचे थे। कटारे ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उनके साथ पूर्व सांसद प्रेमंचद गुड्डू, अनंतनारायण मीणा, जयसिंह दरबार, डॉ. बटुकशंकर जोशी, राजेंद्र वशिष्ठ, मनोहर बैरागी, महेश परमार, उमेश सिंह सेंगर आदि थे।
वीडियो फुटेज से हंगामाइयों की शिनाख्त, दो गिरफ्त में
दिनभर चलता रहा चौतरफा विरोध | कुलपति प्रो.कौल आईसीयू से पहुंचे घर