हंगामे के बाद काउंसिलिंग स्थगित
प्रतिनियुक्ति से लौटे शिक्षक आैर अध्यापकों को नए स्थानों पर भेजने के लिए मंगलवार को होने वाली काउंसिलिंग आखिरकार विरोध आैर हंगामे के बाद स्थगित हो गई।
जनशिक्षक सहित अन्य पदों पर प्रतिनियुक्तियां समाप्त होने के बाद संबंधित शिक्षक आैर अध्यापकों का पदांकन कर नए स्थानों पर स्थानांतरित किया जाना है। इसके लिए जिला शिक्षा विभाग ने मंगलवार सुबह 11 बजे से शासकीय कन्या उमावि दशहरा मैदान पर काउंसिलिंग आयोजित की थी। काउंसिलिंग से पहले ही सभी रिक्त पदों की सूची जारी नहीं से नाराज होकर शिक्षक आैर अध्यापकों ने जनशिक्षक मंच के बैनर तले सोमवार से डीईओ कार्यालय के बाहर से धरना शुरू कर दिया। सोमवार-मंगलवार को पूरी रात यहां क्रमिक भूख हड़ताल भी चलती रही। मंगलवार सुबह सभी शिक्षक आैर अध्यापक जिला पंचायत पहुंचे एवं सीईओ रूचिका चौहान से मुलाकात कर समस्या बताई। इस दौरान यहां डीईओ संजय गोयल भी पहुंच गए। शिक्षकों आैर अध्यापकों की यहां डीईओ से जमकर बहस हुई। काउंसिलिंग की अगली तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। इस संबंध में डीईओ गोयल से संपर्क नहीं हो सका।
11 फरवरी तक निराकरण नहीं तो 12 से स्कूलों में तालाबंदी
मंच के मनोहर दांगी ने बताया 11 फरवरी तक अगर हमारी समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो 12 फरवरी से जिले के सभी स्कूलों में तालाबंदी की जाएगी। सूची जारी नहीं होने तक डीईओ कार्यालय के बाहर धरना भी जारी रहेगा। मंगलवार रात भी इस मामले में सभी संघों ने मिलकर चामुंडा माता चौराहे के समीप स्थित सावन-भादौ, बिजासन माता मंदिर पर बैठक की।
प्रदर्शनकारियों को अवैतनिक करने के आदेश चस्पा किए
इधर डीईओ कार्यालय के सामने धरना देकर आंदोलन कर रहे शिक्षक आैर अध्यापकों को अवैतनिक करने का आदेश भी मंगलवार शाम कार्यालय के बाहर चस्पा कर दिया गया। डीईओ की ओर से दिए गए आदेश में प्रदर्शन की अवधि के दौरान संबंधित प्रदर्शनकारी शिक्षक आैर अध्यापकों को अवैतनिक किया गया है अर्थात प्रदर्शन अवधि के दौरान इनका वेतन काटा जाएगा।
डीईओ कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करते आंदोलनकारी।