आज सौभाग्यवतियों का श्राद्ध
आज सौभाग्यवतियों का श्राद्ध
श्राद्धकालेतु सततं वायुभूता पितामहा:। आविशन्ति द्विजान दृष्टवा तस्माद एतद ब्रवीमि ते।।
अर्थ - श्राद्ध काल में पितृ ब्राह्मण के शरीर में प्रवेश कर उनकी पूजा से सन्तृप्त होते हैं।
भास्करसंवाददाता. उज्जैन. श्राद्धपक्ष में बुधवार को नवमी तिथि का श्राद्ध होगा। इस दिन वे लोग श्राद्ध करे जिनके पूर्वजों की मृत्यु नवमी तिथि में हुई हो। तीर्थ पुरोहित पं.राजेश त्रिवेदी ने कहा नारद पुराण के अनुसार नवमी का श्राद्ध उत्तम प|ी दायका है। बुधवार का दिन समस्त कामनाओं की पूर्ति करने वाला और आर्द्रा नक्षत्र शौर्य का सूचक है।
श्राद्धनहीं कर पाने पर मंत्र जाप : श्राद्धकी नवमी को मातृत्व नवमी भी कहते हैं। इस दिन सौभाग्यवतियों का श्राद्ध करने का विधान है। हेमाद्रि ग्रंथ में कहा गया है इस दिन श्राद्ध कर पाने पर एभि:द्युमि: का सौ बार जाप करें। इस दिन अमावस्या या पूर्णिमा को श्राद्ध करने जितना फल मिलता है।
श्रद्धा पर्व
श्राद्ध