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अब अधिग्रहण नहीं बल्कि भूमि मालिकों की सहमति से प्रशासन खरीदेगा जमीन
जानकारी उज्जैन एसडीएम रोहन सक्सेना के मुताबिक।
विभाग को इस जानकारी के साथ देना होगा आवेदन
>परियोजना का नाम तथा उद्देश्य।
> क्रय की जाने वाली भूमि का क्षेत्रफल, भूमि का विवरण कि उन्हें किस स्थान पर कितनी जमीन की आवश्यकता है।
> भूमि मालिकों के ज्ञात विवरण, जो उपलब्ध हो सके, प्रभावशील गाइड लाइन की दरों के संदर्भ में भूमि का अनुमानित मूल्य सहित अन्य जानकारियों के साथ संबंधित विभाग को कलेक्टर के समक्ष आवेदन करना होगा।
भास्कर संवाददाता | उज्जैन
शहरविकास विभिन्न परियोजनाओं के लिए उपयोग में ली जाने वाली निजी जमीन के संबंध में राज्य शासन ने आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति बनाई है। इसके तहत अब निजी भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा बल्कि किसान और भूमि मालिकों की सहमति से प्रशासन उसे खरीदेगा। सहमति के बदले किसान और भूमि मालिकों को प्रशासन कलेक्टर गाइड लाइन से जमीन की दोगुनी कीमत चुकाएगा। राज्य शासन ने 12 नवंबर से भूमि क्रय नीति लागू कर दी है।
प्रशासनऐसे खरीदेगा जमीन: नीतिके तहत भूमि खरीदी राज्यपाल द्वारा कलेक्टर के नाम से की जाएगी। कलेक्टर के द्वारा संबंधित भूमि खरीदी योग्य पाई जाती है तो वह भूमि क्रय का प्रस्ताव (प्रारूप में) किसान या मालिक को भेजेगा। कलेक्टर 15 दिन का समय देते हुए जमीन मालिक की स्वीकृति (प्रारूप ख) की अपेक्षा में रहेंगे। मालिक से इस आशय का वचनबद्धता (अंडर टेकिंग) भी लेंगे कि जमीन अविवादित है और पूरी तरह उनका अधिकार है। भूमि मालिक की स्वीकृति के बाद कलेक्टर की ओर से 15 दिन का फिर समय दिया जाएगा। इस बीच सार्वजनिक सूचना जाहिर की जाएगी कि राज्य शासन या संबंधित इस विभाग के प्रयोजन के लिए उक्त जमीन खरीदी जा रही है। नीयत अवधि में कलेक्टर पाते हैं कि भूमि खरीदी योग्य नहीं है तो उसे क्रय नहीं किया जाएगा। खरीदी योग्य पाए जाने पर भूमि मालिक की लिखित स्वीकृति प्राप्त होने की दिनांक से एक साल के भीतर कलेक्टर संबंधित विभाग के पक्ष में भूमि क्रय करेगा और किसान या जमीन मालिक को भुगतान करवाएगा।
^राज्यशासन ने आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति लागू की है। इस नीति के तहत अधिग्रहण के स्थान पर विक्रेता निजी भूमि मालिक की सहमति से उसकी जमीन खरीदी जाएगी।\\\'\\\' कवींद्रकियावत, कलेक्टर
इस नीति का प्रशासन को मिलेगा ये फायदा
>आपसीसहमति से भूमि क्रय नीति का प्रशासन को सिंहस्