हमारे जीवन की बुनियाद हैं हमारे बुजुर्ग
हमारे जीवन की बुनियाद हैं हमारे बुजुर्ग
उज्जैन। हमारेबुजुर्ग हमारी हमारे जीवन की बुनियाद हैं। भारतीय संस्कृति में माता-पिता की सेवा भगवान की सेवा के समान है। यह बात अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्थापना दिवस पर बुधवार को पीजीबीटी कॉलेज में आयोजित वृद्वजनों के अधिकार विषय पर परिचर्चा में पूर्व महापौर राधेश्याम उपाध्याय ने कही। अतिथि के रूप में मौजूद वरिष्ठ व्याख्याता राजेश साहू, इस्कान के प्रतिनिधि सुरेश चंद्र शर्मा, समाजसेवी पुष्पा चौरसिया ने भी संबोधित किया। आयोग मित्र, महेंद्र गादिया, एसएन चौबे, अजीत मंगलम जैन, प्राचार्य एपी पांडे सहित प्रबुद्ध परिषद के सदस्य मौजूद थे।