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शिप्रा उज्जैन के प्राचीन इतिहास की साक्षी
उज्जैन | शिप्राउज्जैन के प्राचीन इतिहास की साक्षी है। डॉ. विष्णु वाकणकर ने अपने शोध में शिप्रा के महत्व को बताते हुए कहा है कि शिप्रा का पानी मीठी बातों की तरह सुकून देने वाला है। यह विचार प्राचीन भारतीय इतिहास अध्ययनशाला में आयोजित राष्ट्रीय व्याख्यानमाला के अंतर्गत शिप्रा की सांस्कृतिक परंपरा विषय पर डॉ.श्यामसुंदर निगम ने प्रस्तुत किए। विशिष्ट अतिथि डॉ. भगवतीलाल राजपुरोहित थे। विषय प्रवर्तन डॉ. रवींद्र भारद्वाज ने किया। संचालन डॉ. हीरेंद्र सोलंकी ने किया। आभार प्रो. विश्वजीत परमार ने माना। डॉ. रमन सोलंकी, डॉ. बीएल सूर्यवंशी, डॉ. शैलेंद्र पाराशर, डॉ. केएन सिंह, डॉ.उमेश सिंह, प्रो. रामजी यादव एवं डॉ. प्रभा श्री निवासुलू मौजूद थे। विक्रम विवि के कुलपति प्रो. एम.एस.हाड़ा ने कहा पुराणों में शिप्रा का वर्णन है। इस पर अलग से शोध हो सकता है।