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बीमारियों से बचाव के लिए दी गोली से छह स्कूली बच्चों को चक्कर आए
नेशनलडी वार्मिंग-डे पर बीमारियों से बचाव के लिए मंगलवार को स्कूली बच्चों को एलबेंडाजोल की गोली सीरप दी गई। खंदार मोहल्ला स्थित सेंट फरीद मिडिल स्कूल में गोली खाने के बाद छह बच्चों को उल्टी होने लगी तथा चक्कर आने लगे। उन्हें शिशु वार्ड में भर्ती किया गया।
जिले में सभी स्कूलों में नेशनल डी वार्मिंग डे पर बच्चों को एलबेन्डाजोल की गोली खिलाई गई तथा सीरप पिलाया गया। चिकित्सकों के अनुसार पेट के कीड़ों की वजह से बच्चों में एनिमिया का खतरा उत्पन्न हो जाता है, जिसका बच्चों के विकास पर असर पड़ता है। उनका पढ़ाई में भी मन नहीं लगता है। इसलिए गोली सीरप दी जाती है। जिले के करीब 2401 स्कूलों में 2060 आंगनवाड़ी केंद्रों में एलबेंडाजोल गोली खिलाई गई। सेंट फरीद स्कूल में गोली खाने के बाद दूसरी तीसरी कक्षा के विद्यार्थी फरदीन, सोहेल, बिलाल, आयशा, जैनब आलिया सहित स्कूल के छह बच्चों को उल्टी हाेने लगी तथा चक्कर गए। उन्हें पेट में दर्द नींद रही थी। परिजनों को पता चला तो वे बच्चों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां शिशु वार्ड में उपचार दिया गया। परिजनों ने इस बारे में स्कूल प्रबंधन प्रभारी सिविल सर्जन डॉ.डीपीएस गहरवार को शिकायत की। यह गोली जिला अस्पताल से ली थी। ध्यान रहे की पेंटावेलेंट टीके से दो बच्चों की मौत के बाद दूसरा मामला है जब सरकारी दवाई खाने से बच्चे बीमार हुए हैं।
रातमें देना थी गोली, दिन में दे दी: बतायाजाता है गोली बच्चों को रात के समय दी जाना थी, ताकि वे गोली खाकर सो जाए क्योंकि गोली खाने से बच्चों को नींद आती है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिन में यह गोली दी गई।
इधर नीमच के दुदरसी मािव के 8 विद्यािर्थयों की तबीयत भी गोली खाने के बाद बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
^जिला अस्पताल से ली गई गोली बच्चों को खिलाई थी। आधे घंटे बाद बच्चों को पेट में दर्द, चक्कर उल्टी होने लगी। उन्हें शिशु वार्ड में भर्ती कराया। अख्तरअहमद खान, स्कूल संचालक
बच्चों को शिशु वार्ड में पलंग तक उपलब्ध नहीं करवाए गए। यहां के स्टॉफ ने बच्चों को फर्श पर ही भर्ती कर दिया। जमीन पर ही उन्हें बॉटल चढ़ा दी गई, जबकि वार्ड के पलंग खाली पड़े थे।