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जयपुर की ट्यूलिप कंपनी पर लाखों की ठगी का केस
शहरमें जारी ठगी के मामलों में मंगलवार को फिर एक प्रकरण सामने आया। दशहरा मैदान की एक महिला ने जयपुर की ट्यूलिप कंपनी पर घर बैठे लाखों कमाने का लालच देकर दर्जनों लोगों से लाखों रुपए ठगने का आरोप लगाया है। माधवनगर पुलिस ने कंपनी के चेयरमैन दंपती सहित एक दर्जन डायरेक्टर पर ठगी का केस दर्ज किया है।
टीअाई एमएस परमार ने बताया दशहरा मैदान स्थित नूरानी मंजिल निवासी निर्मला पति स्वरूप सिंह पंवार ने जयपुर स्थित ट्यूलिप ग्लोबल प्रालि के चेयरमैन पीसी जैन उनकी प|ी शशि जैन, डायरेक्टर अमित जैन, विवेक जैन, दिनेश कुमावत, विनोद सैनी, विजय टांक, रोहित कासलीवाल, अजय गोधा, रामस्वरूप कविया, मनोज चौधरी इंदौर निवासी अगफर नवाब बैग पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। उन्होंने कहा 2011 में कंपनी ने 3500 रुपए लेकर सदस्य बनाने पर 29 लाख रुपए और फिर एक लाख रुपए महीना देने का कहा था। कंपनी पर भरोसा कर उन्होंने 200 सदस्यों के सात लाख रुपए कंपनी में जमा कराए। बाद में संचालकों ने बिना राशि लौटाए कंपनी बंद कर ट्यूलिप मेगामार्ट प्रालि के नाम से गांधीनगर गुजरात में नई कंपनी खोल ली।
^बिना क्वालीफिकेशन कोई रुपए लेकर अधिकारी बनाने का झांसा देता है या बिना मेहनत लखपति बनाने का कहता है तो लोगों को ऐसे बदमाशों से सावधान रहना चाहिए क्योंकि किसी भी क्षेत्र में सफलता का शार्टकट नहीं होता। वीमधुकुमार, आईजी
रतलाम में भी केस दर्ज
ट्यूलिपकंपनी पर रतलाम के औद्योगिक थाने में भी हाल ही में 30 जनवरी को केस दर्ज हुआ है। फरियादी राजेंद्रसिंह चंद्रावत ने बताया कंपनी ने रतलाम में छह करोड़ की ठगी की है। प्रकरण दर्ज होने पर कंपनी संचालक ऑफिस बंद कर भाग गए हैं। चंद्रावत ने कहा इंदौर का अगफर ट्यूलिप से धोखाधड़ी के मामले में ही नंवबर से जेल में था और उसे छोटी ग्वालटोली थाने में हाजिरी भरने की शर्त पर हाल ही में जमानत मिली है।
महिलाएं थी निशाने पर
ट्यूलिपकंपनी कर्ताधर्ता महिला या कम पढ़े लिखे लोगों को चुनते थे। वे सदस्यों को अन्य लोगों को कंपनी पदाधिकारियों तक लाने पर लाखों रुपए देने का लालच देते थे। बताते थे कि 3500 रुपए में सदस्य बनने पर एक लाख का बीमा, सूट का कपड़ा और एक मलहम का पैकेट मिलेगा, जो उनकी दी राशि से ज्यादा कीमत का है। साथ ही सदस्य संख्या के अनुसार पदाधिकारी बनते थे। इसलिए सैकड़ों गरीब लोग ठगी के शिकार हो गए।
{ 2011 से 2014 तक 40 हजार लोगों से आईडी के नाम पर 150 करोड़ ठगे।
{ 2012 से 2014 तक 1 दर्जन लोगों से आरडी गार्डी में प्रवेश के नाम पर एक करोड़ की ठगी।
{ जुलाई 2014: आईंस्टीन कोचिंग संचालक ने ट्यूशन के नाम पर दर्जनों विद्यार्थियों को शिकार बनाया।
{ अगस्त- चार युवकों से एयरपोर्ट पर नौकरी और पायलेटिंग प्रशिक्षण के नाम पर 8.80 लाख की ठगी।
{ सितंबर- तीन युवकों से मलेशिया में नौकरी के नाम पर 2.50 लाख की ठगी।
{ दिसंबर- दिल्ली की कंपनी ने सेविंग के नाम पर दर्जनों से लाखों रुपए ठगे।
परम फाउंडेशन ने नौकरी का झांसा देकर 25 युवकों से 15 लाख ठगे।
{ जनवरी-2015 टेलीकाॅम कंपनी में मैनेजर बनाने के नाम पर 40 युवकों से लाखों की ठगी।
{ फरवरी- आईडी पर क्लिक के नाम पर फिर 50 लाख की ठगी।