उज्जैन। शिप्रा में मिलने वाले गंदे नालों की रोकथाम की मांग को लेकर आंदोलन चला रहे कंप्यूटर बाबा और उनके साथी संत रविवार को अचानक शहर आए और भंडारी खाल में उतर गए। उन्होंने कहा कि सरकार दावा कर रही है, गंदे नाले रोक दिए लेकिन हम इस गंदे नाले में खड़े हैं जिसका पानी शिप्रा में मिल रहा है।
जब यह पता लगाया गया कि शहर तो शिप्रा के पूर्वी किनारे पर है और नाले पश्चिमी किनारे से कैसे मिल रहा तो पता चला यह सदावल ट्रीटमेंट प्लांट से छोड़ा गया पानी है। बाबा को यह बात पता नहीं थी। बाद में प्रशासन ने भी स्थिति स्पष्ट की।
कंप्यूटर बाबा नालों की रोकथाम की मांग करते रहे हैं। इसके लिए सिंहस्थ योजना से करीब 6 करोड़ रु. मंजूर किए गए थे। पीएचई ने दावा किया है कि नालों का पानी अब शिप्रा में नहीं मिल रहा। प्रभारी मंत्री भूपेंद्रसिंह ने भी शनिवार को सिंहस्थ क्षेत्र का दौरा करने के बाद कहा था कि शिप्रा में एक बूंद गंदा पानी नहीं मिलने दिया जाएगा। कंप्यूटर बाबा रविवार दोपहर शहर आए और रणजीत हनुमान रोड स्थित भंडारी खाल पहुंचे।
उन्होंने दावा किया कि गंदे नाले नहीं रुके हैं। वे मीडिया के सामने नाले में उतर गए। उन्होंने कहा सरकार सच नहीं बोल रही, इसका यह प्रमाण है। आज नर्मदा जयंती है, हमें नर्मदा स्नान की जगह नाला स्नान करना पड़ रहा है। बाबा और उनके साथी करीब एक घंटे तक पानी में खड़े रहे। इसके बाद वे बाहर आकर साफ पानी से नहाए और रवाना हो गए। बाबा ने कहा कि यदि 20 फरवरी तक गंदे नाले नहीं रुके तो 23 से दिल्ली में आंदोलन तय है। मौके पर आए ननि उपायुक्त एसएन मिश्रा ने जब बाबा की निगमायुक्त अविनाश लवानिया से मोबाइल पर बात कराई तो बाबा ने कहा यह गंदा नाला ही है, आप होते तो आपको भी नाले में उतार कर हकीकत दिखाते।
नाले में ट्रीटमेंट प्लांट का पानी
बाबा के जाने के बाद जब मीडिया ने ग्रामीणों से पूछताछ की तो पता चला यह नाला सदावल होकर आता है। सदावल में नगर निगम पीएचई का ट्रीटमेंट प्लांट हैं। ट्रीटमेंट प्लांट में शहर के सभी गंदे नालों का पानी पंपिंग कर भेजा जाता है। दो बड़े तालाबों से यह पानी ट्रीटमेंट के बाद इस नाले से होकर फिर शिप्रा में आता है।
सिंहस्थ के पहले कान्ह डायवर्सन में छोड़ने की तैयारी
सदावल प्लांट से ट्रीटमेंट के बाद निकलने वाला पानी सिंहस्थ के पहले कान्ह डायवर्सन की पाइप लाइन में छोड़ा जाएगा। इसके लिए खाल पर स्टापडेम बनाया जा रहा है। स्टापडेम में पानी रोक कर उसे पाइप लाइन से कान्ह डायवर्सन की पाइप लाइन में मिलाएंगे। स्टापडेम और पाइप लाइन का काम 15 दिन में पूरा हो जाने की उम्मीद है। ननि उपायुक्त एसएन मिश्रा व पीएचई ईई आरके श्रीवास्तव भी भंडारी खाल पहुंचे। उन्होंने बताया भंडारी खाल बरसाती नाला है तथा इसमें सदावल ट्रीटमेंट का पानी छोड़ा जा रहा है, शहर के गंदे नाले का पानी नहीं आ रहा।