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सिंहस्थ में भक्तों के लिए रोज एक घंटे पहले जागेंगे महाकाल

5 वर्ष पहले
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सिंहस्थ में ज्योतिर्लिंग महाकाल भक्तों को दर्शन देने के लिए रोजाना एक घंटे पहले जागेंगे। महाकाल की रोज होने वाली विश्वप्रसिद्ध भस्मारती सिंहस्थ मेला अवधि 22 अप्रैल से 21 मई तक तड़के 4 बजे की बजाए 3 बजे से और सोमवार व शाही स्नान आदि पर्वों पर रात 2.30 बजे से करने की तैयारी की जा रही है। आरती जल्दी होने से अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को दर्शन करा सकेंगे। सिंहस्थ मेले के दौरान मंदिर में भीड़ प्रबंधन के लिए श्रावण मास की तर्ज पर प्रशासन भस्मारती जल्दी करने की तैयार कर रहा है। श्रावण मास में हर वर्ष एक महीने भस्मारती का समय परिवर्तन करने की परंपरा है। श्रावण में भस्मारती रोज तड़के 4 से 6 बजे की बजाए 3 से 5 बजे और प्रति सोमवार को रात 2.30 से 4.30 बजे तक की जाती है। इसी तर्ज पर प्रशासन सिंहस्थ मेला अवधि में भी भगवान महाकाल को जल्दी जगाकर भस्मारती प्रतिदिन व सोमवार के साथ प्रमुख पर्व शाही नहान के दिनों में निर्धारित समय से एक से डेढ़ घंटे पहले करने की तैयारी में है। शेष| पेज 13







भस्मारती पुजारी बोले-इस बार 2 बजे से करें

सिंहस्थ में 23 अप्रैल से 21 मई 2016 तक महाकाल भस्मारती करने वाले पुजारी कमल गुरु ने कहा भीड़ को देखते हुए प्रशासन सिंहस्थ में भस्मारती का समय रात 3 बजे की बजाए 2 बजे भी कर सकता है। हालांकि परंपरा रात 3 बजे और सोमवार और पर्व के दिनों में 2.30 बजे से भस्मारती की है।

सिंहस्थ में कब क्या

तारीख पर्व

22 अप्रैल हनुमान जयंती

25 अप्रैल सोमवार

2 मई सोमवार

9 मई को अक्षय तृतीया, सोमवार

16 मई

21 मई वैशाख पूर्णिमा

नोट तीनों पर्वों पर शाही स्नान व सोमवार को महाकाल मंदिर में लाखों लोग दर्शन करने उमड़ेंगे।

परंपरा है तो भस्मारती जल्दी करेंगे

सिंहस्थ 2004 में बदला था समय
सिंहस्थ 2004 में महाकाल की भस्मारती का समय बदला गया था। महाकाल के पुजारी आशीष गुरु ने कहा श्रावण मास की तरह अधिक श्रद्धालुओं को दर्शन कराने के लिए सिंहस्थ 2004 में भी भस्मारती रोज अल सुबह 3 बजे से एवं सोमवार और पर्व शाही स्नान के दिनों में रात 2.30 बजे की थी।

परंपरा है तो भस्मारती जल्दी करेंगे

श्रावण की तरह सिंहस्थ में भस्मारती समय से जल्दी करने की परंपरा है तो यह व्यवस्था इस बार भी लागू करेंगे।\\\'\\\' कवींद्र कियावत, मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर

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