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यह जनता का धन है, इसका उपयोग ठीक से कीजिए
अधिकारियों को निलंबित करने से काम नहीं चलेगा
हाईकोर्ट ने कलेक्टर निगम आयुक्त से कहा
सिंहस्थ2016 के मद्देनजर चल रहे सड़क, ब्रिज और अन्य निर्माण कार्यों का सतत निरीक्षण करें। निरीक्षण रिपोर्ट से हाईकोर्ट को अवगत कराएं। यह आदेश सोमवार को इंदौर हाईकोर्ट ने सिंहस्थ की तैयारियों और निर्माण कार्यों को लेकर लगाई याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने कलेक्टर कवींद्र कियावत निगम आयुक्त अविनाश लवानिया को दिए।
मंथन पारमार्थिक संस्था की ओर से सिंहस्थ में श्रद्धालुओं के लिए जुटाई जाने वाली मूलभूत सुविधाओं और चल रही तैयारियों को लेकर लगाई याचिका पर सोमवार को इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट में कलेक्टर कियावत निगम आयुक्त लवानिया हाजिर हुए। उन्हें न्यायालय ने आदेश दिए कि सिंहस्थ में करोड़ों रुपए के निर्माण कार्य चल रहे हैं, उनका सतत निरीक्षण किया जाए। जो करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं, वह जनता का धन है, इसका उपयोग ठीक से होना चाहिए। निर्माण कार्य की वस्तु स्थिति से कोर्ट को भी अवगत कराया जाए। ध्यान रहे संस्था की ओर से ड्रेनेज सिस्टम, पड़ाव क्षेत्र, पेयजल, सड़क चौड़ीकरण, फोरलेन ब्रिज निर्माण को लेकर इंदौर हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगा रखी है, जिसमें यह मुद्दा उठाया है कि निर्माण कार्यों के नाम पर सड़कें खुदी पड़ी हैं। जिन सड़कों के चौड़ीकरण की जरूरत है उनका चौड़ीकरण नहीं किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने अधिकारियों को आदेश दिए कि निर्माण कार्यों पर करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं। उसका उपयोग ठीक से होना चाहिए। उसकी रिपोर्ट से कोर्ट को भी अवगत कराए। (जैसायाचिकाकर्ता बाकीर अली रंगवाला ने बताया)
हाईकोर्ट की डिविजन बैंच ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिंहस्थ को ध्यान में रखकर निर्माण कार्य गंभीरता से करवाएं। मातहतों को निलंबित करने से काम नहीं चलेगा। ध्यान रहे कि इंदौर रोड आंतरिक फोरलेन के मामले में पीडब्ल्यूडी के ईई सहित पांच अधिकारी निलंबित किए जा चुके हैं। प्रशासन की तरफ से कोर्ट में यह दलील दी गई कि कलेक्टर निगम आयुक्त दोनों उज्जैन के लिए नए हैं। इन्हें यहां की अभी जानकारी नहीं है। इस कारण काम करने में कुछ दिक्कत रही है।