अष्टमी का श्राद्ध बुद्धि प्रदाता
नामगोत्रं पितणां तु प्रापकं हव्यकव्ययो:। श्राद्धस्य मंत्रा: श्रद्धाच उपयोज्यातिभक्तित:।।
अर्थ- नामगोत्र पितरों को हव्य कव्य पहुंचाते हैं इसलिए श्राद्ध में ध्यान पूर्वक नाम गौत्र का उच्चारण करना चाहिए।
भासं.उज्जैन. सोलहश्राद्ध में मंगलवार को अष्टमी का श्राद्ध मनेगा। इस दिन वे लोग श्राद्ध करें, जिनके पूर्वजों की मृत्यु अष्टमी तिथि को हुई है। श्री क्षेत्र पंडा समिति के अध्यक्ष पं. राजेश त्रिवेदी ने कहा नारद कुर्म पुराण के अनुसार अष्टमी तिथि का श्राद्ध बुद्धि प्रदाता है। मंगलवार का श्राद्ध सर्वत्र विजय का सूचक है। इस दिन मृगशिरा नक्षत्र का संयोग होने से यह तेजस्वी बनाएगा।
श्रद्धा पर्व
श्राद्ध