18 उप अखाड़ों के संतों की नई परिषद
सिंहस्थ2016 के लिए शासन-प्रशासन के समक्ष पक्ष रखने के लिए तीन प्रमुख अखाड़ों से जुड़े 18 उप अखाड़ों के साधु-संतों ने श्री रामा दल अखाड़ा परिषद का नया गठन िकया। सोमवार को परिषद के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. महंत रामेश्वरदास महाराज ने जगदीश मंदिर आश्रम गऊघाट पर बैठक रखकर 19 सदस्यीय कार्यकारिणी घोषित की।
परिषद के संरक्षक महंत भगवानदास, रामकुमारदास, किशोरदास, अर्जुनदास, राधे श्यामदास, लक्ष्मण दास, उपाध्यक्ष महंत रामचंद्रदास, काशी दास, ज्ञानदास, महासचिव महंत दिग्विजय दास, सचिव राजेंद्र दास, कोषाध्यक्ष बाल कृष्णदास, संगठन मंत्री महेश दास, प्रचार मंत्री नागा दिग्विजय दास, प्रवक्ता हनुमान दास सहित हरिहर दास, बालकदास जयरामदास महाराज कार्यकारिणी सदस्य नियुक्त किए गए। पत्रकारों से चर्चा में अध्यक्ष महंत रामेश्वरदास महाराज ने कहा शैव-वैष्णव एवं उदासीन के मिलाकर कुल 13 मुख्य अखाड़े हंै। इनमें प्रमुख तीन दिगंबर, निर्वाणी और निर्मोही अणि अखाड़े से जुड़े 18 उप अखाड़े के साधु-संत ने मिलकर यह नई परिषद बनाई है, जो सिंहस्थ 16 संबंधी कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
नई कार्यकारिणी सदस्यों के साथ साधु-संत।
परिषद में ये 18 उप अखाड़े
रामानंदीयदिगंबर, दिगंबर श्यामानंदीय, रामानंदीय निर्वाणी, रामानंदीय खाकी, निरालाम्बी, बलभद्री, टाटंबरी, हर व्यासी निर्वाणी, हरव्यासी खाकी, रामानंदीय निर्मोही, रामानंदीय महानिर्वाणी, रामानंदीय संतोषी, झाड़िया निर्मोही, विष्णु स्वामी निर्मोही, माला धारी निर्मोही, राधावल्लभी निर्मोही, हर व्यासी संतोषी, हरव्यासी महानिर्वाणी।
प्रशासन उपेक्षा कर रहा
साधु-संतोंने कहा प्रशासन उनकी उपेक्षा कर रहा हैं। सिंहस्थ शुरू होने में कुछ माह शेष हैं। प्रशासन ने अब तक स्थानीय अखाड़ों के साधु-संतों को बुलाकर कोई बैठक की और राय ली। संताें में प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी है। जल्द इसके परिणाम देखने को मिलेंगे।
संतोंके प्रशासन को सुझाव
>शिप्रा शुद्ध हो, नृसिंहघाट पर स्थाई निर्माण से यहां के पंडाल सावराखेड़ी ले जाएं।
> मंगलनाथ, भैरवगढ़ में अतिक्रमण हटाएं या आगररोड पर जमीन अधिग्रहित करें।
> उज्जैन से जुड़े राजमार्गों को 50 किलोमीटर तक फोरलेन करें।