फ्रीगंज के नए ब्रिज पर हाईकोर्ट का स्टे
फ्रीगंजब्रिज के समानांतर 21 करोड़ 59 लाख रुपए की लागत से बनाए जाने वाले नए ब्रिज के प्रोजेक्ट को झटका लगा है। इंदौर हाईकोर्ट ने गुरुवार को नए ब्रिज पर स्टे दे दिया है। 19 जनवरी को अगली सुनवाई होगी। हाईकोर्ट में लगाई याचिका के तहत 2021 के मास्टर प्लान के तहत ब्रिज को माधव क्लब रोड से देवास गेट चौराहे तक नहीं बनाया जा रहा है। प्रभावशाली लोगों के दबाव में स्थान बदलते हुए मास्टर प्लान के विपरीत ब्रिज को फ्रीगंज ब्रिज के समानांतर बनाया जा रहा है।
मंथन पारमार्थिक संस्था की ओर से सिंहस्थ 2016 में जुटाई जाने वाली मूलभूत सुविधाओं, ब्रिज निर्माण सड़क तथा बृहस्पति भवन के समीप बनाए जा रहे सिंहस्थ मेला भवन को लेकर इंदौर हाईकोर्ट में लगाई गई दो याचिकाओं में संस्था की ओर से हाईकोर्ट में अतिरिक्त तथ्य पेश किए गए थे। जिसमें हाईकोर्ट को अवगत कराया गया कि 2021 के मास्टर प्लान के तहत माधव क्लब रोड से देवास गेट चौराहे तक ब्रिज बनाया जाना प्रस्तावित है। यहां ब्रिज प्रस्तावित होने की वजह से ही मालीपुरा के समीप बोहरा कब्रिस्तान की दुकानें सिंहस्थ 2004 में तोड़ी गई थी। अब माधव क्लब रोड से देवास गेट की ओर ब्रिज क्यों नहीं बनाया जा रहा है। स्थान परिवर्तित करते हुए ब्रिज को चामुंडा चौराहे से बाबू जगजीवनराम की मूर्ति से महापौर बंगले की ओर बनाया जा रहा है, जो कि मास्टर प्लान के विपरीत है। इन्हीं आधार पर हाईकोर्ट ने नए ब्रिज पर स्टे दिया है। शासन की ओर से फ्रीगंज ब्रिज को मंजूरी दी जा चुकी है। एमपीआरडीसी ने इसके टेंडर लगा दिए हैं जो कि 18 दिसंबर को खोले जाने हैं। ब्रिज का निर्माण 11 माह के भीतर किया जाना है।
यह है ब्रिज को लेकर आपत्तियां
>2021 के मास्टर प्लान का पालन नहीं किया जा रहा।
> माधव क्लब रोड से देवास गेट चौराहा तक नहीं बनाया जा रहा।
> फ्रीगंज ब्रिज के समानांतरण बनाना मास्टर प्लान का उल्लंघन है।
> मास्टर प्लान में यह ब्रिज 8 वें स्थान पर होने के बावजूद उसे सबसे आखरी में लिया गया।
> माधव क्लब, दवा बाजार भाजपा नेता के भवन को बचाने के लिए स्थान बदला गया
^मास्टर प्लान का पालन नहीं करते हुए प्रस्तावित स्थल की बजाए ब्रिज को फ्रीगंज ब्रिज के समानांतर बनाया जा रहा है। इसको लेकर याचिका लगाई थी। न्यायालय ने स्टे दे दिया है। बाकीरअली रंगवाला, अध्यक्षमंथन पारमार्थिक संस्था