उज्जैन। शहर को एलईडी लाइट्स से रोशन करने की योजना है। बुधवार को सिंहस्थ मेला कार्यालय में योजना पर विचार किया। पहले शहर का एनर्जी ऑडिट किया जाएगा। इसके बाद एलईडी लाइट्स लगाई जाएगी। सिंहस्थ मेला क्षेत्र और शहर को इसमें शामिल करेंगे।
मेला कार्यालय में आयोजित बैठक में भोपाल से आए दल और ऊर्जा विकास निगम के अधिकारियों ने सिंहस्थ 2016 की कार्ययोजना में 40 करोड़ रुपए से एलईडी लाइट्स लगाने का प्रस्ताव रखा।
नगरीय प्रशासन विकास विभाग के सलाहकार जेसी यादव के नेतृत्व में आए दल ने मेला अधिकारी लवानिया को योजना की जानकारी दी। इसके तहत मेला क्षेत्र और शहर में एलईडी लगाकर बिजली खर्च की बचत की जाएगी। यह काम निजी कंपनी करेगी।
कंपनी के साथ नगर निगम का करार होगा। कंपनी का दावा है कि एलईडी लगाने से 40 प्रतिशत बिजली बचेगी। यदि 40 प्रतिशत से कम बिजली की बचत होती है तो कंपनी निगम को जुर्माना देगी और 40 प्रतिशत से जितनी ज्यादा बिजली बचेगी उस पर कंपनी निगम से तय प्रतिशत के आधार पर राशि लेगी। कंपनी की सात साल की गारंटी रहेगी।
उज्जैन का विशेष चयन: राज्य सरकार ने एनर्जी सेविंग के लिए इंदौर, भोपाल, ग्वालियर का चयन किया था। उज्जैन को सिंहस्थ के मद्देनजर विशेष तौर से शामिल किया है। पहले चरण में उज्जैन में 1.25 करोड़ रु. से एक हजार स्ट्रीट लाइट खंभों पर एलईडी लाइट लगाकर एनर्जी ऑडिट किया जाएगा। बैठक में तय हुआ कि इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर सिंहस्थ मेला कार्यालय और ननि को प्रस्तुत की जाएगी। यह भी सुझाव आया कि कंपनी सिंहस्थ मेला क्षेत्र में लगने वाली लाइट्स और शहर की लाइट्स का अलग-अलग प्रस्ताव बनाए।
शहर की जरूरत से मेला क्षेत्र की लाइट्स कम कर दे। जितनी लाइट्स बचेगी उन्हें शहर के जरूरी क्षेत्रों में लगाएं। मेला खत्म होने के बाद वहां से निकली लाइट्स शहर में शेष स्थानों पर लगा दे।
योजना : एनर्जी ऑडिट होगा, 40 करोड़ की योजना पर मेला कार्यालय ने किया मंथन, डीपीआर बनेगी।