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6 वर्ष पहले
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इंदौरमें तीन मरीजों ने एमवाय अस्पताल में दम तोड़ा, जबकि तीन की मौत प्राइवेट हॉस्पिटल में हुई। स्वास्थ विभाग के अनुसार फिलहाल स्वाइन फ्लू के 18 मरीज अलग-अलग अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से 10 की हालत गंभीर है। इधर, बुधवार को कलेक्टर आकाश त्रिपाठी ने स्कूल-कॉलेजों के प्राचार्य और सरकारी प्राइवेट डॉक्टरों को बैठक में निर्देश दिए कि सर्दी, जुकाम, बुखार के लक्षण दिखाई देने पर अपने स्तर पर बच्चों का अस्पताल में परीक्षण करवाएं या अभिभावकों को सूचना दें।

बुधवार को एमवाय में भर्ती जिन मरीजों की मौत हुई उनमें दो मरीज राजस्थान के बांसवाड़ा के रहने वाले थे। मंगलवार को दोनों को भर्ती किया गया था। इनमें एक की उम्र 60 दूसरे की 65 वर्ष थी। मंगलवार को ही दोनों के सेंपल लिए गए थे, जिन्हें दोपहर में ही जांच के लिए भेजा गया, लेकिन कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई। एमवाय में भर्ती गौरीनगर क्षेत्र के 40 वर्षीय युवक ने भी दम तोड़ दिया। इसके अलावा प्राइवेट अस्पताल में भर्ती देपालपुर निवासी 25 वर्षीय गर्भवती महिला की भी जान नहीं बच सकी। उसका पिछले सात दिन से इलाज चल रहा था। दो युवकों की मौत भी प्राइवेट अस्पताल में हुई है, इनकी उम्र 35 से 40 वर्ष बताई गई है।

सामान्यबीमार को स्वाइन फ्लू का मरीज बता दिया -धार सेआए 66 वर्षीय एक मरीज की सामान्य बीमारी को स्वाइन फ्लू बताकर गीता भवन क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल ने एमवाय अस्पताल भेज दिया। मरीज के साथ सिर्फ उनका 40 वर्षीय बेटा था। उन्होंने शादी में बाहर गए परिवार के बाकी सदस्यों को सूचना दी, तो वे भी लौट आए। लेकिन एमवाय अस्पताल में पता चला कि मरीज को स्वाइन फ्लू था ही नहीं। परिवार वालों ने तत्काल एमवाय से मरीज को अन्य निजी अस्पताल में शिफ्ट करवाया।

फोनपर जानें स्वाइन फ्लू से संबंधित हर जानकारी -स्वाइन फ्लूसंबंधी जानकारी एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में कन्ट्रोल रूम बनाया गया है। इस कन्ट्रोल रूम का दूरभाष नंबर. 0731-2537253 हैं। जिला चिकित्सालय में डॉ. विजय अग्रवाल को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

लेबोरेटरीको लेकर सुनवाई आज -स्वाइन फ्लूके शंकास्पद मरीजों की जांच के लिए इंदौर में लेबोरेटरी स्थापित करने की मांग को लेकर जो जनहित याचिका दायर की गई है उस पर गुरुवार को सुनवाई होगी। हाई कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और नगर निगम से जवाब मांगा है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव इंदौर आए थे। उन्होंने कहा था इंदौर में लेबोरेटरी की आवश्यकता नहीं है। सूत्रों के मुताबिक गुरुवार को सुनवाई के दौरान विभाग की तरफ से जवाब दिया जाएगा कि लेबोरेटरी स्थापित करने का काम केंद्र सरकार का है. लिहाजा केंद्र सरकार को भी पार्टी बनाया जाएगा।

निजीअस्पतालों में भी सरकारी सुविधा

{प्रदेशमें 25 अस्पतालों को स्वाइन फ्लू के इलाज के लिए अधिकृत किया गया है, जिसमें 13 भोपाल के और 12 इंदौर के हैं। {निजी अस्पतालों को मरीजों के लिए सरकार देगी मास्क, टेमी फ्लू और पीपी किट। इन सुविधाओं के लिए किसी प्रकार की फीस नहीं ली जाएगी। वेंटीलेटर और अन्य चार्ज निजी अस्पताल ले सकेंगे। {सरकारी अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने पर उन्हें निजी अस्पतालों में रेफर किया जा सकता है। {सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टरों की समन्वय समिति बनाई जाएगी। जिसमें दोनों ओर से 10-10 प्रतिनिधि सदस्य रहेंगे।

खानशुद्धिकरण के ....

संभागायुक्तने बताया खान नदी को लेकर सभी काम इस प्राधिकरण के माध्यम से होंगे। इस प्राधिकरण में नगरीय प्रशासन मंत्री, इंदौर महापौर, आईडीए अध्यक्ष, नगरीय प्रशासन विभाग, वित्त विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव, इंदौर कलेक्टर और निगम कमिश्नर इसके सदस्य होंगे। दुबे के मुताबिक फिलहाल प्रारंभिक चर्चा हुई है। इसके बाद कैबिनेट से मंजूरी होते ही इसे केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। इससे केंद्रीय फंडिंग में आसानी होगी। गौरतलब है खान के लिए निगम ने फिलहाल राज्य शासन की मदद से इसमें मिलने वाले आउट फॉल्स को रोकने के लिए टेंडर बुलाए हैं। पूर्व महापौर कृष्णमुरारी मोघे इसका भूमिपूजन कर चुके हैं।

उज्जैनमें 4 और...

इसकेअलावा बुधवार को छह मरीजों के स्वाब के नमूने लिए जाकर उन्हें जांच के लिए जबलपुर भेजे हैं। इनमें तीन बच्चे, दो महिलाएं तथा एक पुरुष है। इनकी रिपोर्ट गुरुवार तक आने की संभावना है। मंगलवार को ग्रामीण महिला माधवनगर अस्पताल से इंदौर रैफर हो चुकी है। मरीजों की लगातार संख्या बढ़ने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने इसके नियंत्रण के इंतजाम नहीं किए हैं।

सर्दी-जुकामहो तो जांच जरूर करवाएं : चिकित्सकोंके अनुसार सर्दी-जुकाम या बुखार हो तो स्वाब की जांच जरूर करवाएं। प्राथमिक स्तर पर ही बीमारी का पता चलने पर मरीज का समय रहते उपचार हो सकेगा। माधवनगर अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में मरीज जांच करवा सकते हैं। स्वाइन फ्लू के नोडल अधिकारी डॉ.एचपी सोनानिया से संपर्क कर सकते हैं।

शाजापुरमें एक संदिग्ध महिला मरीज मिली : मो.बड़ाेदिया के ग्राम देहरीपाल में बुधवार को स्वाइन फ्लू का एक संदिग्ध महिला मरीज मिली है। वहीं सुसनेर के ग्राम माणा निवासी महिला की मौत स्वाइन फ्लू से हुई थी। इसकी पुष्टि जबलपुर से आई जांच से हुई है।