गंदा पानी सप्लाय
महापौर ने कान्ह नदी व फिल्टर प्लांट जाकर देखी स्थिति, नर्मदा का पानी होने का दावा
नलों में गंदा पानी आने से लोग त्रस्त, कांग्रेस ने कलेक्टर को दिखाया नमूना, महापौर ने नकारा
सेहत से खिलवाड़
शहर में नलों से गंदा पानी आने से लोग परेशान हैं। कांग्रेस ने शुक्रवार को भी गंदे पानी से भरी बोतल कलेक्टर को देकर कान्ह का पानी सप्लाई करने का आरोप लगाया। इधर महापौर मीना जोनवाल शुक्रवार दोपहर कान्ह नदी के जमालपुरा बैराज पहुंची और गऊघाट फिल्टर प्लांट जाकर सप्लाई किए जाने वाले पानी की टेस्ट रिपोर्ट देखी। उन्होंने दावा किया कि शिप्रा में नर्मदा का पानी है, कान्ह का नहीं। सप्लाई किया जा रहा पानी साफ है।
शहर के अनेक हिस्सों से गंदे पानी की सप्लाई की शिकायतें आ रही हैं। कांग्रेस पार्षद दल ने नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र वशिष्ठ के नेतृत्व में त्रिवेणी पर जाकर कान्ह नदी का अवलोकन किया था। उनका आरोप है कि पीएचई कान्ह का प्रदूषित पानी सप्लाई कर रहा है। शुक्रवार को शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनंतनारायण मीणा, जिलाध्यक्ष जयसिंह दरबार के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने कलेक्टर कवींद्र कियावत को ज्ञापन देकर शहर में गंदे पानी सप्लाई की शिकायत की। उन्होंने कलेक्टर को सेंपल भी दिखाया और कहा पानी की जांच कराई जाए। यदि पानी कान्ह का नहीं है तो उन अधिकारियों पर कार्रवाई करें, जो इसे कान्ह का बता रहे हैं। प्रतिनिधि मंडल में हफीज कुरैशी, ओपी लोट, हेमंतसिंह चौहान, राजेंद्र वशिष्ठ आदि मौजूद थे।
पाइप लाइनें फूटी
आज होगा सुधार
बड़नगर रोड से चिंतामन की ओर जाने वाले मार्ग पर राइजिंग मेन पाइप लाइन फूट गई है तथा लालपुल के पास भी एक पाइप लाइन फूटी हुई है। इधर गुदरी में भी पाइप लाइन लीकेज हो गई। इन पाइप लाइनों का सुधार शनिवार को किया जाएगा। जलप्रदाय प्रभावित नहीं होगा। पीएचई के ईई आरके श्रीवास्तव के अनुसार महापौर ने कान्ह और फूटी पाइप लाइनों का निरीक्षण किया है।
कलेक्टर को गंदे पानी का नमूना दिखाते अनंतनारायण मीणा।
शिप्रा का पानी केवल
घरेलू उपयोग के लिए
शिप्रा नदी का पानी अब केवल घरेलू उपयोग में ही लाया जा सकेगा। कलेक्टर कवींद्र कियावत ने शिप्रा का जल संरक्षित घोषित करने का आदेश दिया। मप्र पेयजल परिरक्षण अधिनियम के तहत जनसाधारण को घरेलू प्रयोजन के लिए जल उपलब्ध कराने के लिए यह आदेश जारी किया है। इसके तहत शिप्रा से लगे गांवों में केवल पेयजल व घरेलू उपयोग के लिए ही नदी का पानी उपयोग करने की अनुमति होगी। सिंचाई और औद्योगिक प्रयोजन के उपयोग के लिए शिप्रा के जल का उपयोग प्रतिबंधित किया है। आदेश के उल्लंघन पर दो वर्ष का कारावास या दो हजार रुपए का जुर्माना या दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है।
त्रिवेणी पर नर्मदा का
पानी होने का दावा
शुक्रवार दोपहर महापौर मीना जोनवाल ने जमालपुरा बैराज जाकर कान्ह नदी का अवलोकन करने व पीएचई के गऊघाट प्लांट पर पानी की टेस्टिंग रिपोर्ट देखने के बाद त्रिवेणी पर नर्मदा का पानी होने का दावा किया है। उनका कहना है कि इंदौर की कान्ह नदी का पानी जमालपुरा बैराज के पहले ही सूख गया है। जो पानी त्रिवेणी पर कान्ह नदी वाली साइड में भरा दिखाई दे रहा है, वह नर्मदा का पानी है, जो देवास डेम से छोड़े जाने पर त्रिवेणी स्टापडेम के बेक वाटर के रूप में भर गया है। उन्होंने गऊघाट प्लांट पर जाकर शहर में सप्लाई होने वाले पानी की टेस्टिंग रिपोर्ट भी देखी। उन्होंने कहा कि शहर में सप्लाई किया जा रहा पानी पूरी तरह साफ है। कांग्रेस पार्षद दल ने गुरुवार को आरोप लगाया था कि त्रिवेणी पर कान्ह का पानी शिप्रा में मिल रहा है तथा यही पानी शहर में सप्लाई किया जा रहा है।