शासकीय संधारित मंदिरों की भूमि का मुआवजा पुजारियों को देने की मांग
उज्जैन | प्रदेश के शासकीय मंदिरों में लगी भूमि जिस मंदिर का पुजारी खेती के माध्यम से धान उत्पन्न करता है एवं भगवान की सेवा, पूजा, भोग, आरती आदि करते हुए अपने परिवार का भरण पोषण करता है लेकिन जब भी प्राकृतिक आपदा आती है शासन द्वारा मुआवजा राशि दी जाती है वह राशि पुजारियों को न देते हुए शासकीय अधिकारी वर्ग तानाशाही अपनाते हुए मंदिर खातों में जमा कर देते हैं, जो पुजारियों के साथ घोर अन्यायपूर्ण व्यवहार है।
इसको लेकर अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने माफी अधिकारी राजेश यादव से मुलाकात की। पुजारी महासंघ के संयोजक पं. महेश पुजारी एवं महामंत्री पं. जशराज शर्मा ने उज्जैन संभाग के मंदिरों एवं पुजारियों के साथ जो अन्याय किया जा रहा है, उसे रोकने एवं संबंधित पुजारियों को मुआवजा देने की मांग की।