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10 साल से बंद पड़ा माधवनगर अस्पताल का ट्रामा सेंटर शुरू

7 वर्ष पहले
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मरीजों को मिलेगी सुविधा | 40 बेड का वार्ड, हड्डी के ऑपरेशन हो सकेंगे

भासं. उज्जैन। माधवनगरअस्पताल में गुरुवार से ट्रामा सेंटर शुरू हो गया है। यह करीब 10 साल से बंद पड़ा था। ट्रामा सेंटर के शुरू होने से यहां हड्डी से संबंधित सभी तरह के ऑपरेशन हो सकेंगे। जिला अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टर्स स्टॉफ को यहां पदस्थ कर दिया है। यहां 40 बेड का वार्ड मरीजों के लिए रहेगा।

सिंहस्थ 2004 में माधवनगर अस्पताल की नई बिल्डिंग का निर्माण ट्रामा सेंटर तैयार किया गया था। सिंहस्थ के दौरान ट्रामा सेंटर चलाया जा सका, उसके बाद से यह बंद हो गया। उस समय 30 बेड का वार्ड था। यहां संसाधन तो सभी हैं लेकिन पर्याप्त स्टॉफ नहीं होने से इसका संचालन नहीं हो पा रहा था। जिला अस्पताल प्रशासन ने गुरूवार से इसे शुरू करवा दिया है। जिला अस्पताल के हड्डी वार्ड को भी यहां शिफ्ट कर दिया है। फिलहाल यहां 40 बेड हैं। 20 बेड और बढ़ाए जा सकेंगे।

क्या है ट्रामा सेंटर

जनरलसर्जन, आर्थोपेडिक, डेंटिस्ट न्यूरोसर्जन की 24 घंटे डयूटी रहती है। पैरामेडिकल स्टॉफ निश्चेतना विशेषज्ञ की आवश्यकता रहती है। यहां विभिन्न ग्रुप के ब्लड उपलब्ध रहते हैं। यानी कोई घायल यहां पहुंचता है तो उसकी जांच से लेकर ऑपरेशन उपचार की सारी व्यवस्था यहां रहती है।

अभीस्थिति: माधवनगरट्रामा सेंटर में निश्चेतना विशेषज्ञ न्यूरो सर्जन उपलब्ध नहीं है।

दोघंटे में वार्ड शिफ्ट करो, नहीं तो घर मत जाना: जिलाअस्पताल प्रशासन की सख्ती के बाद यहां का हड्डी वार्ड माधवनगर अस्पताल में शिफ्ट हो सका। सिविल सर्जन डॉ.सीडी शर्मा ने वार्ड के संबंधित अधिकारियों को फोन लगाकर कहा कि दो घंटे में वार्ड शिफ्ट हो जाना चाहिए, नहीं तो घर मत जाना। बताया जाता है कि लिखित आदेश जारी नहीं होने से वार्ड को यहां से शिफ्ट करने में लेतलाली की जा रही थी।

^माधवनगर अस्पताल में ट्रामा सेंटर को शुरू कर दिया है। स्टॉफ आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करवा दी गई है।\\\'\\\' डॉ.सीडीशर्मा,सिविल सर्जन

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