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गुलदस्ते की बजाए तुवर दाल का पैकेट देकर किया कलेक्टर का अभिनंदन
भासं. उज्जैन. कलेक्टरकवींद्र कियावत की पहल पर प्रशासन में एक और शुरुआत हुई है। इस पहल के तहत अब किसी भी कार्यक्रम में अधिकारी-कर्मचारियों का स्वागत अनाज से किया जाएगा। मसलन, फूल-गुलदस्ते की बजाए संबंधित को दाल, चावल या अन्य तिलहन का पैकेट देकर उसका सम्मान किया जाएगा। समाजहित में इस नयी परंपरा की गुरुवार से शुरुआत कर दी गई।
बृहस्पति भवन में गुरुवार सुबह लोकसेवा ग्यारंटी दिवस मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर कियावत का स्वागत तुवर दाल का पैकेट देकर किया। कलेक्टर ने यह पैकेट अपने पास रखते हुए एक संस्था को दान कर दिया। कार्यक्रम के दौरान एडीएम अवधेश शर्मा, अपर कलेक्टर पवन जैन, लोकसेवा जिला प्रबंधक ओएन श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट रोहन सक्सेना, उज्जैन एसडीएम शैलेंद्रसिंह सोलंकी, घट्टिया एसडीएम शाश्वतसिंह मीना सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
अनाजसे स्वागत के पीछे कलेक्टर की ये सोच : -हारया गुलदस्ता कितना भी सस्ता लिया जाए वह 50 या 70 रुपए से कम नहीं मिलता। > तुवर दाल की कीमत करीब 70-75 अच्छी किस्म के चावल की कीमत 40 से 50 रुपए प्रति किलो होती है।
> हार या फूलों का गुलदस्ता कितना भी महंगा हो स्वागत-सम्मान पर एक समय बाद उसे फेंकना मजबूरी हैं। > हार-गुलदस्ते से स्वागत करने के लिए किसी को मनाही नहीं है लेकिन प्रयास किए जाए कि किसी के भी स्वागत में अनाज को शामिल किया जाए। > स्वागत में मिले अनाज के इस पैकेट को जरूरतमंदों के बीच या बुजुर्ग-बच्चों की संस्था में दान कर दिया जाए। इसके दो फायदे होंगे, पहला यदि आप अनाज के आधा किलो के पैकेट से स्वागत करते हैं तो उसकी कीमत 35-40 रुपए होती है। जिससे रुपयों में आपकी करीब 50 प्रतिशत बचत होगी, दूसरा स्वागत के तौर पर दिया अनाज का यह तोहफा किसी जरूरतमंद की भूख मिटा सकेगा।