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रजिस्टर जब्त, डॉ.तिवारी से मांगा जवाब

7 वर्ष पहले
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भासं. उज्जैन। जिलाअस्पताल की मुख्य बिल्डिंग में संचालित इमरजेंसी में रविवार दोपहर डॉ.नारायण तिवारी के ड्यूटी पर नहीं आने के मामले में जिला अस्पताल प्रशासन ने सोमवार को कार्रवाई की है। उन्हें नोटिस जारी कर 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा है। भैरवगढ़ डिस्पेंसरी का उपस्थिति रजिस्टर भी जब्त किया है। डॉ. तिवारी 10 नवंबर से डिस्पेंसरी पर भी नहीं जा रहे थे। उनका भैरवगढ़ डिस्पेंसरी से अटैचमेंट समाप्त कर जिला अस्पताल में पदस्थ किया है।

भैरवगढ़ डिस्पेंसरी में पदस्थ डॉ. तिवारी की प्रति रविवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में ड्यूटी लगा रखी है। 7 दिसंबर को दोपहर 2 से रात 9 बजे तक इमरजेंसी में उनकी ड्यूटी थी लेकिन वे ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। इस वजह से इमरजेंसी करीब 45 मिनिट तक बगैर डॉक्टर के रही। अस्पताल प्रशासन ने आरएमओ डॉ.रवींद्र श्रीवास्तव को व्यवस्था के लिए कहा तो उन्होंने हाथ खड़े कर दिए। उसके बाद शिशु वार्ड के एनआईसीयू में ड्यूटी कर रहे डॉ.वायके शाक्य को इमरजेंसी में बुलवाया। वहीं एसएनसीयू में सिविल सर्जन डॉ.डीपीएस गहरवार को दोपहर 3.30 बजे तक ड्यूटी करना पड़ी। शहरी स्वास्थ्य मिशन के अपर संचालक डॉ. बीएस ओहरी डिप्टी डायरेक्टर डॉ.त्रिपाठी के आने पर सिविल सर्जन को एनआईसीयू में ड्यूटी के लिए डॉ.अरविंद दशोत्तर को बुलाना पड़ा था। डॉ.तिवारी यदि 24 घंटे के भीतर नोटिस का जवाब नहीं देते हैं तो अस्पताल प्रशासन एक तरफा कार्रवाई करेगा।

डॉ. मरमट को फिर नोटिस

मुख्यमंत्रीके नागदा महिदपुर आगमन के दौरान 30 नवंबर को हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ.महेश मरमट की ड्यूटी लगाई थी। उन्होंने खुद को इंदौर में होना बताकर ड्यूटी पर जाने में असमर्थता जताई थी। अस्पताल प्रशासन ने जांच करवाई तो डॉ.मरमट की लोकेशन फ्रीगंज में मिली। वे एक निजी अस्पताल से बाहर आते देखे गए थे। उज्जैन में ही होने के बावजूद वे सीएम की ड्यूटी में नहीं गए। मामले में जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से डॉ.मरमट को नोटिस जारी किया गया था। उन्होंने जो जवाब प्रस्तुत किया है, उससे अस्पताल प्रशासन संतुष्ट नहीं है, इस वजह से उन्हें दोबारा नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।