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बिना सर्वे, मुआवजा दिए जमीन ले रहे अधिकारी

7 वर्ष पहले
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स्टाफ की कमी का रोना रोया

जल संसाधन के अधिकारियों ने स्टाफ की कमी का रोना रोया तो संभागायुक्त ने मोबाइल पर सीई से बात की और सिंहस्थ कार्यों के लिए 25 इंजीनियर्स तैनात करने को कहा। उन्होंने सिंहस्थ के कामों को पहली प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने एडीएम अवधेश शर्मा से कहा सभी विभागों को एक राजस्व का आदमी दो, जमीन मामले सुलझाने में मदद मिलेगी।

त्रिवेणीमुक्तिधाम संवरेगा, सीएनजी शवदाहगृह बनेगा: त्रिवेणीस्थित मुक्तिधाम को संवारा जाएगा। अधिकारियों ने परिसर का अवलोकन करते हुए यहां 15 लाख रु. से सीएनजी शवदाह गृह लगाने, शिव प्रतिमा का सौंदर्यीकरण, उद्यान विकसित करने, लकड़ी कंडे का पीठा स्थापित करने, बाउंड्रीवाॅल बनाने और चौकीदार नियुक्त करने के निर्देश दिए। फ्रीगंज के नए शहर के लिए यह मुक्तिधाम विकसित होना जरूरी है।

एेनवक्त पर नृसिंहघाट पुल का अवलोकन टला

भूखीमाता के पास नवनिर्मित घाटों का निरीक्षण करते संभागायुक्त पस्तौर, कलेक्टर कियावत अन्य अिधकारी।

मामला एक

घाटनिर्माण : बिना मुआवजा दिए निर्माण

भूखीमाता से कबीर घाट तक नए घाटों का निर्माण चल रहा है। जल संसाधन के अधिकारियों ने कहा किसान काम नहीं करने दे रहे। किसानों को बुलाया तो वे बोले हमें मुआवजा नहीं दिया जा रहा। हमने जमीन देने से मना नहीं किया। संभागायुक्त रवींद्र पस्तौर ने जब अधिकारियों से पूछा कितनी जमीन चाहिए तो वे बता नहीं पाए। संभागायुक्त बोले पूरी जमीन नाप दो और समझौता के आधार पर मुआवजा दो। कलेक्टर कवींद्र कियावत बोले मुआवजा ही तो मांग रहे हैं, हीरे-जवाहरात तो नहीं। जितनी जमीन चाहिए उस पर आज ही खूंटी लगाओ और मुआवजा तैयार करो। मेला अधिकारी अविनाश लवानिया ने अधिकारियों से कहा अब समय नहीं है, आज का काम आज पूरा करो।

मामलादो

नृसिंहघाट ब्रिज: किसी कीमत पर जमीन नहीं देंगे

नृसिंहघाटब्रिज के पहुंच मार्ग के लिए भूखी माता वाली साइड में जमीन मालिक किसानों ने आज साफ कह दिया अब किसी कीमत पर दूसरी जमीन नहीं देंगे। ब्रिज की योजना के लिए हम जमीन दे चुके। अधिकारी ने बाद में ब्रिज की जगह बदल दी। गलती हमारी नहीं है। अब जो जमीन मांग रहे हैं, वहां हमारा 40 सदस्यों का परिवार रहता है। बाढ़ के वक्त हमारा घर ही सुरक्षित जगह होता है। यह भी दे देंगे तो हम जाएंगे कहां। कलेक्टर ने किसान परिवार को समझाने का प्रयास किया ल