सुनवाई के लिए अब हाईकोर्ट में आवेदन
महाकालमंदिर के सामने सौंदर्यीकरण को लेकर हटाए जाने वाले प्रस्तावित 12 मकानों के मामले की सोमवार को हाईकोर्ट में पेशी थी, जहां प्रशासन की ओर से उज्जैन एसडीएम रोहन सक्सेना ने प्रकरण में तेजी से सुनवाई के लिए आवेदन दिया। इसी प्रकार सोमवार को ही हाईकोर्ट में प्रेमछाया परिसर के प्रकरण की भी पेशी थी, जिसमें नगर निगम ने अपना जवाब प्रस्तुत किया।
गौरतलब है कि सिंहस्थ 2016 में मंदिर के सामने भीड़ नियंत्रण सौंदर्यीकरण के दृष्टिगत महाकाल मंदिर के सामने 12 मकान हटाए जाना प्रस्तावित हैं। नगर निगम द्वारा सौंदर्यीकरण किया जाएगा। तब प्रशासन ने मुआवजा वितरण किए जाने के लिए 8-9 करोड़ रुपए जोड़े थे। प्रशासन आगे की कार्रवाई करता इसके पहले ही प्रभावित लोगों ने हाईकोर्ट से स्टे ले लिया। बताया जाता है कि जून 2013 से प्रकरण में स्टे हैं। एसडीएम रोहन सक्सेना के मुताबिक तेजी से सुनवाई के लिए आवेदन दिया गया। वहीं प्रेम छाया परिसर प्रकरण के मामले में नगर निगम ने अपना जवाब हाईकोर्ट में प्रस्तुत किया।