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कलेक्टर ने आदर्श गांव की परिभाषा बताई

7 वर्ष पहले
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भासं. उज्जैन. आदर्शग्राम किसे कहते हैं। वहां क्या व्यवस्थाएं होनी चाहिए। ऐसी ही बातों की जानकारी देते हुए कलेक्टर कवींद्र कियावत ने सांसद आदर्श ग्राम की परिभाषा बताई। कलेक्टर ने कहा जहां जमीन विवाद रहे और पासपोर्ट, चरित्र सत्यापन सहित नौकरी-पेशे की अन्य जरुरतों को छोड़कर किसी को पुलिस की आवश्यकता पड़े, उसी स्थान को आदर्श ग्राम कहा जा सकता है। कोठी स्थित संभागायुक्त कोर्ट हाॅल में सोमवार को कलेक्टर ने सांसद आदर्श ग्राम की समीक्षा कर दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर बताया सांसद डॉ. चिंतामणि मालवीय ने बिछड़ौद राज्यसभा सांसद डॉ. सत्यनारायण जटिया ने नादेड़ गांव को गोद लिया है। कलेक्टर ने कहा कि सांसद आदर्श गांवों के हर घर में बायोगैस लगना चाहिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ डॉ. एमपी पटेल, परियोजना अधिकारी संतोषकुमार, जनपद सीईओ सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

बैठकसे गायब रहने वाले अधिकारियों पर हुए नाराज : बुलावेके बाद भी कई अधिकारी बैठक से गायब रहे। इस पर कलेक्टर खासे नाराज हुए। प्रधानमंत्री सड़क योजना के अधिकारियों के बारे में उन्होंने कहा भोपाल बैठक में गए हैं लेकिन मुझे तो बैठक की कोई जानकारी नहीं मिली। आते ही दोनों अधिकारियों को मेरे चेंबर में खड़ा किया जाए।