(कुलपति कक्ष में हंगामा मचाते बजरंग दल विहिप के कार्यकर्ता।)
उज्जैन। बजरंग दल आैर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने सोमवार शाम विक्रम विवि में जमकर उत्पात मचाया।
कश्मीरी छात्रों के समर्थन में कुलपति प्रो. जवाहरलाल कौल द्वारा रविवार को दिए बयान पर आपत्ति लेते हुए लाठियां लेकर विरोध दर्ज कराने पहुंचे कार्यकर्ताओं ने कुलपति कक्ष में पांच मिनट बात की आैर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में जमकर तोड़फोड़ मचा दी। तोड़फोड़ में कुलपति प्रो. कौल भी बाल-बाल बच गए। घटना के बाद दहशत के कारण तबीयत बिगड़ने पर प्रो. कौल को आईसीयू में भर्ती करवाया गया।
कुलपति प्रो. कौल के बयान पर बवाल मचाते हुए सोमवार शाम करीब 4 बजे बजरंग दल के विभाग संयोजक महेश आंजना के नेतृत्व में बजरंग दल आैर विहिप के करीब 35-40 कार्यकर्ता लाठियां लेकर विरोध दर्ज कराने विश्वविद्यालय पहुंचे। सभी कार्यकर्ता सीधे कुलपति कक्ष पहुंचे आैर कुलपति प्रो. कौल से बयान वापस लेने की बात की। मात्र पांच मिनट की बातचीत के बाद ही कार्यकर्ताओं ने कुलपति कक्ष में तोड़फोड़ शुरू कर दी। कार्यकर्ताओं ने कुलपति प्रो. कौल पर भी कागज अन्य सामान फेंकने की कोशिश की लेकिन कुछ प्रोफेसर्स कर्मचारियों ने प्रो. कौल को बचा लिया। इस दौरान कक्ष में 3-4 पुलिसकर्मी भी मौजूद थे।
कार्यकर्ताओं ने कुलपति की टेबल पर रखे कम्प्यूटर एलसीडी सहित सभी कांच फोड़ दिए। इसके बाद बाहर आकर पर्दे, टेबल कुर्सियां आैर घड़ी भी तोड़ दी। कार्यकर्ताओं ने कुलपति कक्ष में राष्ट्रीय ध्वज का भी अपमान करते हुए नीचे गिरा दिया। घटना के बाद दहशत से कुलपति प्रो. कौल की तबीयत बिगड़ गई। हाई ब्लडप्रेशर आैर सांस लेने में तकलीफ होने के कारण उन्हें संजीवनी अस्पताल में आईसीयू में भर्ती करवाया गया। घटना के बाद एएसपी पंकज श्रीवास्तव एवं सीएसपी विजय डावर भी विश्वविद्यालय पहुंचे आैर घटना के संबंध में जानकारी ली।
देरशाम विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से प्रभारी कुलसचिव डॉ. डीके बग्गा, डीएसडब्ल्यू डॉ. राकेश ढंड सहित अन्य प्रोफेसर्स ने माधवनगर थाने पहुंचकर घटना की शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 353, 332, 427, 147, 148 सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया। हालांकि देर रात तक तोड़फोड़ करने वाले किसी भी कार्यकर्ता की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
कुलपति के इस बयान का विरोध
''विवि में पढ़ने वाले कश्मीरी विद्यार्थियों को उनके मकान मालिक बाढ़ आपदा के चलते कुछ महीनों के लिए किराये में रियायत दें आैर इस आपदा में सहयोग करते हुए उन्हें तत्काल किराया देने के लिए बाध्य करें।''
विरोध में आज विवि बंद
तोड़फोड़के बाद विवि के सभी प्रोफेसर्स आैर कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया। विक्रम विवि शिक्षक संघ अध्यक्ष प्रो. एसके मिश्रा ने बताया विवि के प्रोफेसर्स की सुरक्षा आैर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मंगलवार को विश्वविद्यालय बंद रखा जाएगा।
माधव कॉलेज में 2006 में हुआ था सभरवाल कांड : छात्रसंघचुनाव के दौरान 26 अगस्त 2006 को देवासगेट स्थित शासकीय माधव महाविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) कार्यकर्ताओं ने हंगामा मचाया था। जिसमें कॉलेज के राजनीति विज्ञान के हेड प्रो. एचएस सभरवाल से भी अभद्रता हुई थी। घटना के थोड़ी देर बाद ही प्रो. सभरवाल की मौत हो गई थी। इस मामले में अभाविप के 6 पदाधिकारी कार्यकर्ताओं पर प्रकरण दर्ज हुआ था।
कश्मीरी छात्रों के पक्ष में दिए बयान पर विश्वविद्यालय में बवाल ।
लाठियां साथ लेकर पहुंचे कार्यकर्ता, पांच मिनट बात की आैर मचा दिया उपद्रव ।