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स्वाइन फ्लू से इंदौर मेें 6 और मौतें, सीएम को संभालना पड़ा मोर्चा

6 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | इंदौर/ भोपाल

स्वाइनफ्लू मौतों का सिलसिला जारी है। बुधवार को इस बीमारी से छह और मरीजों ने दम तोड़ दिया। इनमें से एक गर्भवती महिला की रिपोर्ट पॉजीटिव चुकी थी। इन्हें मिलाकर इस साल इंदौर में मरने वालों की संख्या 37 पर पहुंच गई है। बुधवार को ही भोपाल में दो और जबलपुर एक मरीज की मौत हो गई। इस बीच, खतरनाक रूप ले रही इस बीमारी पर पहली बार सरकार मैदान में नजर आई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में मुख्य सचिव अंटोनी डिसा के साथ बैठक ली। उन्होंने प्राइवेट अस्पतालों से सहयोग का आग्रह किया और घोषणा की कि निजी अस्पतालों के स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए भी मास्क, टेमी फ्लू और पीपी किट सरकार देगी। इंदौर के 12 और भोपाल के 13 निजी अस्पतालों को अधिकृत किया गया है। सरकार की ओर से स्वास्थ्य मंत्री ने पहली बार माना कि प्रदेश में इस बीमारी से अब तक 44 मौतें हुई हैं। शेष| पेज 7



इंदौरमें तीन मरीजों ने एमवाय अस्पताल में दम तोड़ा, जबकि तीन की मौत प्राइवेट हॉस्पिटल में हुई। स्वास्थ विभाग के अनुसार फिलहाल स्वाइन फ्लू के 18 मरीज अलग-अलग अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से 10 की हालत गंभीर है। इधर, बुधवार को कलेक्टर आकाश त्रिपाठी ने स्कूल-कॉलेजों के प्राचार्य और सरकारी प्राइवेट डॉक्टरों को बैठक में निर्देश दिए कि सर्दी, जुकाम, बुखार के लक्षण दिखाई देने पर अपने स्तर पर बच्चों का अस्पताल में परीक्षण करवाएं या अभिभावकों को सूचना दें।



बुधवारको एमवाय में भर्ती जिन मरीजों की मौत हुई उनमें दो मरीज राजस्थान के बांसवाड़ा के रहने वाले थे। मंगलवार को दोनों को भर्ती किया गया था। इनमें एक की उम्र 60 दूसरे की 65 वर्ष थी। मंगलवार को ही दोनों के सेंपल लिए गए थे, जिन्हें दोपहर में ही जांच के लिए भेजा गया, लेकिन कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई। एमवाय में भर्ती गौरीनगर क्षेत्र के 40 वर्षीय युवक ने भी दम तोड़ दिया। इसके अलावा प्राइवेट अस्पताल में भर्ती देपालपुर निवासी 25 वर्षीय गर्भवती महिला की भी जान नहीं बच सकी। उसका पिछले सात दिन से इलाज चल रहा था। दो युवकों की मौत भी प्राइवेट अस्पताल में हुई है, इनकी उम्र 35 से 40 वर्ष बताई गई है।

सामान्य बीमार को स्वाइन फ्लू का मरीज बता दिया

धार से आए 66 वर्षीय एक मरीज की सामान्य बीमारी को स्वाइन फ्लू बताकर गीता भवन क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल ने एमवाय अस्पताल भेज दिया। मरीज के साथ सिर्फ उनका 40 वर्षीय बेटा था। उन्होंने शादी में बाहर गए परिवार के बाकी सदस्यों को सूचना दी, तो वे भी लौट आए। लेकिन एमवाय अस्पताल में पता चला कि मरीज को स्वाइन फ्लू था ही नहीं। परिवार वालों ने तत्काल एमवाय से मरीज को अन्य निजी अस्पताल में शिफ्ट करवाया।

फोन पर जानें स्वाइन फ्लू से संबंधित हर जानकारी

स्वाइन फ्लू संबंधी जानकारी एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में कन्ट्रोल रूम बनाया गया है। इस कन्ट्रोल रूम का दूरभाष नंबर. 0731-2537253 हैं। जिला चिकित्सालय में डॉ. विजय अग्रवाल को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

लेबोरेटरी को लेकर सुनवाई आज

स्वाइन फ्लू के शंकास्पद मरीजों की जांच के लिए इंदौर में लेबोरेटरी स्थापित करने की मांग को लेकर जो जनहित याचिका दायर की गई है उस पर गुरुवार को सुनवाई होगी। हाई कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और नगर निगम से जवाब मांगा है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव इंदौर आए थे। उन्होंने कहा था इंदौर में लेबोरेटरी की आवश्यकता नहीं है। सूत्रों के मुताबिक गुरुवार को सुनवाई के दौरान विभाग की तरफ से जवाब दिया जाएगा कि लेबोरेटरी स्थापित करने का काम केंद्र सरकार का है. लिहाजा केंद्र सरकार को भी पार्टी बनाया जाएगा।

देशभर में 417 मौतें

उज्जैन में 4 और मरीज सामने आए, कुल आंकड़ा 12

उज्जैन।जिलेमें स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। फ्लू के चार और मरीज सामने आए हैं। इनके साथ ही मरीजों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है, जिनमें चार मरीजों की मौत हो गई है। बुधवार को भी तीन बच्चों सहित छह मरीजों के स्वाब के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। सोमवार को माधवनगर अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड से छह मरीजों के स्वाब के नमूने लेकर जांच के लिए जबलपुर स्थित लैब में भेजे गए थे। बुधवार को चार मरीजों की रिपोर्ट आई है। दो महिलाओं एक युवक को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। एक महिला मक्सी रोड स्थित पंवासा, एक महिला शाजापुर एक युवक उज्जैन तहसील के ग्राम कचनारिया का है। उनका उपचार चल रहा है। इनके सहित अब तक स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या 12 तक पहुंच गई है, जिनमें चार मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं एक मरीज की रिपोर्ट निगेटिव आई है। दो मरीजों की रिपोर्ट आना शेष है। शेष|पेज 7



इसकेअलावा बुधवार को छह मरीजों के स्वाब के नमूने लिए जाकर उन्हें जांच के लिए जबलपुर भेजे हैं।



इनमें तीन बच्चे, दो महिलाएं तथा एक पुरुष है। इनकी रिपोर्ट गुरुवार तक आने की संभावना है। मंगलवार को ग्रामीण महिला माधवनगर अस्पताल से इंदौर रैफर हो चुकी है। मरीजों की लगातार संख्या बढ़ने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने इसके नियंत्रण के इंतजाम नहीं किए हैं।

सर्दी-जुकामहो तो जांच जरूर करवाएं

चिकित्सकों के अनुसार सर्दी-जुकाम या बुखार हो तो स्वाब की जांच जरूर करवाएं। प्राथमिक स्तर पर ही बीमारी का पता चलने पर मरीज का समय रहते उपचार हो सकेगा। माधवनगर अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में मरीज जांच करवा सकते हैं। स्वाइन फ्लू के नोडल अधिकारी डॉ.एचपी सोनानिया से संपर्क कर सकते हैं।

पीएस ने झल्लाकर कहा- आपको मौतों की चिंता है या अपनी

स्वाइनफ्लू पर सवाल पूछे जाने पर स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव प्रवीर कृष्ण बुधवार को फिर मीडिया पर बिफर पड़े। जेपी अस्पताल में झल्लाकर बोले- आपको मौतों की चिंता है या अपनी। फिर वे लगभग दौड़ते हुए अपनी कार में जा बैठे और चले गए।

मीडिया के सवालों से फिर भागेप्रमुख सचिव प्रवीरकृष्ण

मंत्री और पीएस उलझे

जेपीअस्पताल में नरोत्तम मिश्रा प्रवीर कृष्ण के बीच तीखी बहस हुई। पीएस के तर्कों से खफा मिश्रा ने उन्हें समझाइश दी। कहा- स्वाइन फ्लू का संक्रमण रोकने के लिए किए गए इंतजामों का फायदा जनता को मिले, यह सुनिश्चित करें।





बाद में मीडिया के सवालों का सामना कर पाने पर पीएस प्रवीर कृष्ण भाग खड़े हुए, कार में बैठे और रवाना हो गए।

मौतें मानी प्रदेश सरकार ने, अपुष्ट आंकड़ा 62मौतोंका

नंबर पर आया प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के बाद सबसे ज्यादा मौतें

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