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आगर रोड: चार साल से अटकी सड़क 25 दिन में बन गई

6 वर्ष पहले
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बगैरप्लानिंग के शुरू किए गए आगर रोड का निर्माण करीब चार वर्ष तक अटका रहा, नतीजतन राहगीर रहवासी परेशान होते रहे। शासन को आखिरकार निर्माण एजेंसी को बदलना पड़ा। नगर निगम से यह सड़क छीनकर पीडब्ल्यूडी को सौंप दी गई। पीडब्ल्यूडी ने इस कार्य को चुनौती के रूप में लेते हुए कार्य शुरू करवाया। नतीजतन 25 दिन में सड़क का डामरीकरण कार्य पूरा हो गया। बगैर प्लानिंग के सड़क का काम शुरू किया था, विद्युत पोल, पीएचई की पाइप लाइन शिफ्टिंग का कार्य बाद में किया गया। कुछ समय बाद नगर निगम के अधिकारियों को याद आया पुरानी पाइप लाइन काम में सकती है तो फिर से सड़क खुदवाई। ठेकेदार निगम अधिकारियों में चली खींचतान का भी असर रहा।

इस सड़क पर चार साल में 94 दुर्घटनाएं, 9 की मौत तथा 85 घायल हुए। (फाइल फोटो)

चार वर्ष से अटकी सड़क 25 दिन में बनकर तैयार हो गई। यहां डामरीकरण कार्य होने के बाद डिवाइडर का निर्माण चल रहा है।

ऐसे बनी सड़क

पीडब्ल्यूडी-आगररोड पर कोयला फाटक से मकोडिय़ा आम तक की सड़क का अधूरा निर्माण नगर निगम से छीनकर लोनिवि को सौंपा गया। निर्माण का टारगेट 25 दिन तय किया। सीई आरके सांवला ईई किशन वर्मा मॉनीटरिंग करते रहे। सब इंजीनियर अनिल सिंह तोमर को पूरे समय लगाए रखा। लोनिवि ने पहले हुए निर्माण की गुणवत्ता देखी। खराब मटेरियल उखाड़कर नया लगाया। डामरीकरण होने के बाद डिवाइडर का निर्माण शुरू हुआ।

नगरनिगम-चामुंडा माताचौराहे से मकोडिय़ा आम तक की सड़क पर हुए अतिक्रमण को नगर निगम की गैंग ने हटाया। प्रतिदिन देखा गया कि जो ठेला, गुमटी हटाए थे, वे वापस तो नहीं लग गए। मुहिम जारी होने से सड़क से काफी हद तक अतिक्रमण हट गया है। कोयलाफाटक से इंदौर गेट तक की सड़क का निर्माण निगम ने पूरा करवा लिया है। डामरीकरण के साथ डिवाइडर का कार्य हो गया है।

पहले यह थी स्थिति