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देवासगेट व्यापारी बस स्टैंड के लिए शिक्षामंत्री से मिले
देवासगेटबस स्टैंड की बजाय बसों का संचालन 16 फरवरी से नानाखेड़ा बस स्टैंड से किए जाने की तैयारी हैं। यहां से इंदौर, महिदपुर, बड़नगर आदि बसे चलाई जाएंगी। शासन के इस निर्णय का विरोध देवासगेट बस स्टैंड बचाओ संघर्ष समिति द्वारा किया जा रहा हैं।
समिति के सदस्य बुधवार को शिक्षा मंत्री पारस जैन से मिले। उन्होंने गुहार लगाई की बसों का संचालन देवासगेट बस स्टैण्ड से ही किया जाए। नानाखेड़ा बस स्टैंड शहर से दूर हैं इससे यात्रियों को परेशानी होगी। ध्यान रहे कि देवासगेट बस स्टैंड पर यात्रियों की बढ़ती संख्या और सिंहस्थ के मद्देनजर शासन ने देवासगेट से चलने वाली बसों को नानाखेड़ा बस स्टैंड से चलाए जाने का निर्णय लिया हैं। परिवहन विभाग ने यात्रियों को नानाखेड़ा बस स्टैंड तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए सिटी बस और मैजिक की व्यवस्था पूर्व से कर रखी हैं। इससे यात्री आसानी से देवासगेट से नानाखेड़ा और नानाखेड़ा से देवासगेट जा सकेंगे। वहीं नानाखेड़ा बस स्टैंडका संचालन पूरी क्षमता के साथ होने से उक्त भवन का उपयोग होगा और देवासगेट क्षेत्र को भारी भीड़ से मुक्ति मिलेगी। व्यापारी एसोसिएशन एवं संघर्ष समिति के अरूण वर्मा का कहना है कि रेलवे स्टेशन के पास ही बस स्टैंड होना चाहिए। बसों को यदि नानाखेड़ा से चलाया जाएगा तो राजाभाउ महाकाल बस स्टैंड का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। शिक्षा मंत्री पारस जैन ने कहा यदि बसों को रूकने नहीं दिया जाए तो बस स्टैंड के बाहर यातायात जाम नहीं होगा। शिक्षा मंत्री जैन ने संघर्ष समिति को आश्वासन दिया है।