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तीन दिन का अल्टीमेटम, उसके बाद कोर्ट जाएंगे क्लास वन डॉक्टर्स
जिलाअस्पताल के क्लास वन डॉक्टर्स(विशेषज्ञ चिकित्सक) की इमरजेंसी डयूटी लगाए जाने का विवाद गहरा गया है। मप्र चिकित्सा अधिकारी संघ ने बुधवार को जिला अस्पताल प्रशासन को तीन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि उक्त अवधि में उनकी इमरजेंसी डयूटी समाप्त नहीं की गई तो वे हाई कोर्ट जाएंगे। जहां कोर्ट की अवमानना का प्रकरण लगाया जाएगा।
जिला अस्पताल प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव डॉ.प्रवीर कृष्ण के आदेश पर मंगलवार से क्लास वन डॉक्टर्स की इमरजेंसी डयूटी लगा दी है। जिसके तहत उन्हें इमरजेंसी खुली रहने के दौरान दोपहर 1 से रात 9 बजे तक डयूटी करना होगी। जिला अस्पताल,सख्याराजे प्रसूती गृह शिशु वार्ड के करीब 31 डॉक्टर्स की इमरजेंसी डयूटी लगा दी गई है। मप्र चिकित्सा अधिकारी संघ के पदाधिकारियों क्लास वन डॉक्टर्स ने इसका विरोध किया। उन्होंने मंगलवार को प्रभारी सिविल सर्जन डॉ.डीपीएस गहरवार को ज्ञापन सौंपकर कहा कि हमसे इमरजेंसी डयूटी नहीं ली जा सकती। यह आदेश कोर्ट के आदेश के खिलाफ है। बुधवार को डॉक्टर्स ने जिला अस्पताल प्रशासन को हाईकोर्ट के आदेश की कापी भी प्रस्तुत की। साथ ही तीन दिन का अल्टीमेटम दिया। इस अवधि में उन्हें इमरजेंसी डयूटी से मुक्त नहीं किया जाता है तो वे कोर्ट की अवमानना का प्रकरण लगाएंगे। उन्होंने कोर्ट के आदेश की प्रति सीएमएचओ डॉ.अशोक यादव संयुक्त संचालक स्वास्थ्य डॉ.दिलीप नागर को भी भेजी है। मप्र चिकित्सा अधिकारी संघ के संभागीय सचिव डॉ.अनिल भार्गव ने बताया कि वर्ष 2011 में इमरजेंसी डयूटी लगाई गई थी। इसके विरुद्ध डॉक्टर्स कोर्ट गए थे,जहां से उन्हें स्टे मिला था।
येथे शामिल : डॉ.अनिल भार्गव, डॉ.आर व्यास, डॉ.जीएस बंबोरिया, डॉ.बीबी पुरोहित, डॉ.एनके शर्मा, डॉ.ओपी गुप्ता, डॉ.राजू निदारिया सहित अन्य डॉक्टर्स अधिकारियों के पास में कोर्ट के आदेश की कापी लेकर पहुंचे थे। दूसरी तरफ जिला अस्पताल प्रशासन का कहना है डॉक्टर्स की कमी की वजह से इमरजेंसी कक्ष में परेशानी रही है।