- Hindi News
- कालापीपल में पांच हजार की रिश्वत लेते पटवारी धराया
कालापीपल में पांच हजार की रिश्वत लेते पटवारी धराया
कालापीपल | नामांतरणके लिए पटवारी को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते गुरुवार को लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया। पटवारी के साथ उसके सहायक को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त निरीक्षक प्रशांत मुकादम ने बताया ग्राम आगखेड़ी निवासी कन्हैयालाल पिता जीतमल खाती ने 10 फरवरी को कार्यालय में शिकायत की थी। उसके मुताबिक भाई से खरीदी गई भूमि के नामांतरण के लिए हलका पटवारी रविराज बोड़ाना ने 10 हजार रुपए मांगे थे। बाद में 7 हजार रुपए में तोड़ हुआ और 2 हजार रुपए किसान ने उसी समय दे दिए। शेष 5 हजार रुपए की राशि नहीं मिलने तक पटवारी ने नामांतरण नहीं किया। करीब 8 माह तक परेशान होने के बाद किसान ने गत दिनों लोकायुक्त पुलिस उज्जैन को इसकी शिकायत की। इसके बाद टीम ने फरियादी के साथ जाकर पटवारी की बातें रिकॉर्ड की। इसके बाद गुरुवार को किसान ने पटवारी को शेष 5 हजार रुपए देने की बात कही और गुरुवार अपराह्न 4 बजे पटवारी कालापीपल स्थित अपने कार्यालय पहुंचा। उसने अपने सहायक आभास को रुपए देने की बात कही। किसान ने आभास को रुपए दे दिए। इसके बाद पुलिस ने आभास की जेब से 5 हजार रुपए जब्त कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
गांव में सर्वे के बाद रुपए लेने कालापीपल आया था पटवारी- एक दिन पहले बुधवार देररात हुई ओलावृष्टि में हुए नुकसान का सर्वे करने के लिए गुरुवार को पटवारी अपने हलके क्षेत्र में गया था। सर्वे के बाद किसान से हुई बात के मुताबिक रुपए लेने के लिए वे सीधे 4 बजे कालापीपल पहुंचे थे।
इन्होंने की कार्रवाई -लोकायुक्त टीम में निरीक्षक मुकादम, निरीक्षक दिनेश रावत, निरीक्षक रोहित यादव, सहायक उप निरीक्षक सुरेश बनकर, प्रधान आरक्षक जागन सिंह, समीर खान, सहायक तृतीय वर्ग अशोक खत्री और जगदीश पाटीदार ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
एक साल में दूसरा पटवारी ट्रेप- पिछले वर्ष 2 फरवरी को पावती बनाने के लिए पटवारी जरीना उसके पति को 300 रुपए की रिश्वत लेते लोकायुक्त टीम ने पकड़ा था। साथ ही सरपंच से रिश्वत लेने के मामले में पिछले वर्ष ग्राम प्रतापपुरा के सचिव इंजीनियर को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस ने दबोचा था।