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शिप्रा किनारे हर 200 मीटर पर होगा पौधारोपण

5 वर्ष पहले
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उज्जैन। सिंहस्थ में त्रिवेणी से लेकर मंगलनाथ तक प्रति 200 मीटर की दूरी पर करीब 10 से 15 फीट की ऊंचाई के 2.5 हजार छोटे वृक्ष अखाड़ा परिषद के महामंत्री एवं जूना अखाड़ा के महंत हरिगिरि जी महाराज देश के 20 हजार मठाधीश, जूना अखाड़ा के भक्त और श्रद्धालुअों के सहयोग से लगवाएंगे।

गुरुवार को मुख्य वन संरक्षक डॉ. पीसी दुबे सहित वन विभाग के अधिकारियों और साधु-संतों ने नृसिंह घाट, लाल पुल और त्रिवेणी घाट पर पिछले माह किए वृक्षारोपण का अवलोकन किया। इस दौरान महंत ने बताया शिप्रा किनारे अधिकांश जगह पर वृक्ष नहीं हैं। सिंहस्थ अप्रैल-मई की भीषण गर्मी में है इस दौरान श्रद्धालु गर्मी से बेहाल हो जाएंगे। इसके लिए जरूरी है कि शिप्रा किनारे पेड़ हो ताकि ठंडक बनी रहे और पेड़ के नीचे बैठकर श्रद्धालुओं को आराम मिल सके। एेसी स्थिति में पौधाराेपण से कुछ नहीं होगा बल्कि वृक्षारोपण करना पड़ेगा। इसके लिए हैदराबाद से पीपल, बरगद, नीम, बांस सहित करीब 15 प्रजातियों के पौधे खरीदे जाएंगे। 10 से 15 फीट के इन पौधों को लाने से लेकर रोपण तक का खर्च प्रति पौधा करीब 15 हजार रुपए आएगा। इसमें पेड़ की कीमत के साथ ट्री गार्ड, फेंसिंग, गड्ढा खुदाई आदि होगा। उन्होंने कहा कि वे शिप्रा किनारे वृक्षारोपण के लिए देशभर के 20 हजार मठाधीशों, अखाड़ा परिषद और भक्तों से याचना कर वृक्षारोपण में आने वाले खर्च को पूरा करेंगे क्योंकि प्रति पौधा 15 हजार के मान से ढाई हजार पौधे लगाने में करोड़ों रुपए का खर्च आएगा लेकिन पर्यावरण और सिंहस्थ में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यह बहुत जरूरी है। मुख्य वन संरक्षक डॉ. पीसी दुबे ने कहा शिप्रा किनारे वृक्षारोपण में वन विभाग महंत हरिगिरि जी महाराज का पूरा सहयोग करेगा। हालांकि समय कम है लेकिन ढाई हजार वृक्ष लगाने का लक्ष्य पूरा करेंगे।

चांडाल योग निवारण के लिए बरगद के पौधे रोपे

सिंहस्थ में बन रहे चांडाल योग निवारण के लिए अखाड़ा परिषद के महामंत्री एवं जूना अखाड़ा के महंत हरिगिरि महाराज ने गुरुवार को नृसिंह घाट पर बरगद के पोधे रोपे। वन विभाग ने यहां बरगद, पीपल, नीम सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे हैं। महंत हरिगिरि महाराज ने बताया गुरु चांडाल योग के दुष्प्रभाव को बरगद के पाैधे लगाकर खत्म किया जा सकता है। बरगद में भगवान शिव का अंश होता है। शिव ही सभी संकट का निवारण कर सकते हंै। इसीलिए नृसिंह घाट पर बरगद के पौधों का रोपण किया है। चांडाल योग महाकाल भक्तों का कुछ नहीं बिगाड़ सकता है।


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