अंधेरे का बायपास
23 रास्तों पर एलईडी तो बायपास पर क्यों नहीं
17 करोड़ से 23 मार्ग रोशन किए जा रहे हैं लेकिन सिंहस्थ बायपास पर लाइट नहीं लगाई जा रही है। अब तक इसके लिए कोई प्रस्ताव सामने नहीं आया है, जबकि पुराने ब्रिज व नए ब्रिज जिनके काम पूरे हो गए हैं, उन पर भी लाइट के काम पूरे गए हैं। अब रामघाट व पंचक्रोशी मार्ग की बारी है। वहीं चार चौराहों पर हाईमास्ट लगाए जाएंगे। इस तरह से सिंहस्थ में श्रद्धालु एमआर-5, इंदौर-उज्जैन फोरलेन, देवास रोड, इंदौर रोड, एमआर-10, इंजीनियरिंग कॉलेज रोड, बड़नगर रोड, जूना सोमवारिया से पीपलीनाका, मंगलनाथ, आगर रोड सहित जिस मार्ग से गुजरेंगे, वहां उन्हें रोशनी से जगमग रास्ते व ब्रिज तथा घाट मिलेंगे। इंदौर-उज्जैन फोरलेन से उन्हेल मार्ग तक के 14 किमी के रास्ते को बगैर बिजली के रखा जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को सिंहस्थ में आवागमन में परेशानी आएगी। उन्हें अंधेरे रास्ते से गुजरने पर मजबूर होना पड़ेगा।
इधर मीटर नहीं लगा रहे
ननि का प्रकाश विभाग उजड़खेड़ा क्षेत्र, भूखी माता क्षेत्र, गोंसा रोड व मोजमखेड़ी से रामघाट पहुंच मार्ग व रणजीत हनुमान आदि में लगी सेंटर लाइट व स्ट्रीट लाइट के लिए मीटर नहीं लगा रहा है। ऐसे में पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी रीडिंग नहीं ले पाएगी। यह स्थिति बनती है तो बिजली कंपनी कनेक्शन काट देगी, इससे सिंहस्थ मार्गों पर अंधेरा हो जाएगा।
यह कार्य भी होना बाकी
मोहननगर रोड पर 29 लाख से सेंटर लाइटिंग। रेलवे ब्रिज पर विद्युत पोल व एलईडी लगाएंगे। पंचक्रोशी मार्ग पर 2.98 करोड़ से कार्य चल रहा। चार चौराहों पर हाईमास्ट लगाए जाना है। लालपुल पर 30 लाख से विद्युत पोल।
मेला क्षेत्र व पहुंच मार्गों पर नगर निगम के प्रकाश विभाग ने अब तक मीटर नहीं लगाए हैं। इससे परेशानी आ सकती है। रामेश्वर सोनाने, ईई ईएंडएम पीडब्ल्यूडी
प्रकाश विभाग के अधिकारियों से बात कर तत्काल मीटर लगाए जाने की कार्रवाई करवाई जाएगी। मीना जोनवाल, महापौर
डिवाइडर नहीं बने, 50 लाख की सेंटर लाइटिंग अटकी
पीपलीनाका से जूना सोमवारिया तक सेंटर लाइटिंग का कार्य होना है। टेंडर हो चुके हैं, पोल व एलईडी भी आ चुकी है। बावजूद कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। वजह डिवाइडर का निर्माण नहीं होना है। 50 लाख का सेंटर लाइटिंग का काम अटक गया है। डिवाइडर बने तो काम शुरू हो सकेगा। समय पर डिवाइडर नहीं बन पाए तो दूसरे कार्य प्रभावित होंगे।