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आरआई ने घूस मांगी, साथ में चौकीदार भी पकड़ाया

7 वर्ष पहले
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(कार्रवाई करते निरीक्षक बसंत श्रीवास्तव टीम। गोल घेरे में चौकीदार चंदू। इनसेट आरआई रामलाल चौहान। )
उज्जैन। लोकायुक्त टीम ने गुरुवार को फ्रीगंज में एक आरआई (राजस्व निरीक्षक) और चौकीदार को घूस लेते पकड़ा है। आरआई ने बड़नगर रोड के एक किसान से भूमि डायवर्शन के लिए चार हजार रुपए मांगे थे लेकिन रिश्वत खुद लेने की बजाय चौकीदार के हाथ में दिलवा दी। टीम ने कार्रवाई के बाद दोनों को जमानत पर छोड़ दिया।
चंदूखेड़ी निवासी सूरज पिता नारायणसिंह रघुवंशी की गांव में ही चार एकड़ कृषि भूमि है। वह यहां मकान बनाना चाहता है। इसलिए उसने 24 स्कवेयर फीट भूमि डायवर्शन के लिए 11 अगस्त को एसडीएम को आवेदन दिया। जमीन की सर्वे रिपोर्ट आरआई भूमि परिवर्तन प्रभारी रामलाल चौहान निवासी इंदिरा नगर को पेश करना थी। आरआई चौहान ने मौके पर निरीक्षण करने के बाद सर्वे रिपोर्ट पेश करने के लिए सूरज से चार हजार रुपए मांगे। सूरज ने बुधवार को लोकायुक्त एसपी सिद्धार्थ चौधरी को शिकायत कर रिश्वत मांगने की रिकार्डिंग सौंप दी।
एसपी के निर्देश पर निरीक्षक बसंत श्रीवास्तव ने योजना बनाई, जिसके चलते गुरुवार को चार बजे सूरज आरआई चौहान को गौराना भवन (अलखधाम धर्मशाला के सामने ) स्थित उसके निजी कार्यालय में केमिकल लगे रुपए देने गया। यहां आरआई चौहान ने हीरामिल की चाल निवासी चंदू उर्फ चंद्रकांत ( शासकीय चौकीदार) को रुपए दिलवाए। इसी दौरान टीम ने वहां पहुंचकर चंदू के साथ आरआई चौहान को पकड़ा और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में गिरफ्तार करने के बाद जमानत पर छोड़ दिया।
कहा था चंदू को देना रुपए : सूरज ने बताया आरआई चौहान रिश्वत के लिए 12 दिनों से काम रोके हुए थे। उसने पहले पांच हजार रुपए मांगे थे। एक हजार रुपए दे भी दिए थे। बावजूद चार हजार रुपए के लिए अड़ा था। उसने कहा था रुपए लेकर कोठी आना और चंदू को दे देना। उसकी चंदू को रुपए देने की बात रिकार्डिंग में है। बाद में चौहान ने आॅफिस बुलाया और एहतियातन चंदू को रुपए दिलवाए, रुपए देते ही टीम को इशारा कर दिया।

आठ घंटे इंतजार के बाद ट्रैप | भूमि उपयोग परिवर्तन के लिए ले रहा था चार हजार रुपए
सुबह आठ बजे से कर रहे थे इंतजार: निरीक्षक श्रीवास्तव ने बताया आरआई चौहान ने सूरज को सुबह 8 बजे रुपए लेकर बुलाने पर गौराना भवन के पास जाल बिछा दिया। बाद में 11.30 फिर 1.30 बजे आने का कहा लेकिन आया चार बजे। नतीजतन आठ घंटे इंतजार करना पड़ा।
टीम में निरीक्षक दिनेशचंद्र पटेल, आरक्षक आशीष चंदेल, घनश्याम मिश्रा, राकेश बिहारी, राजेश डावर आदि थे। लोकायुक्त ने इस वर्ष 82 प्रकरण दर्ज किए हैं। इनमें ट्रेप के 36 केस हैं।