उज्जैन । फ्रेंचाइजी एस्सेल विद्युत वितरण कंपनी के मीटर मैनेजमेंट ग्रुप द्वारा शहर के 25 हजार उपभोक्ताओं के यहां नए डिजिटल मीटर (सिक्योर जी नस कंपनी के) लगाए जाएंगे। मीटर उन उपभोक्ताओं के यहां लगेंगे, जिनके यहां मैकेनिकल इलेक्ट्रो मैकेनिकल मीटर लगे हैं। जिन उपभोक्ताओं के विद्युत मीटर के डिस्प्ले गायब है, रीडिंग सही नहीं रही, उनके यहां भी मीटर बदले जाएंगे।
पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं के यहां मैकेनिकल इलेक्ट्रो मैकेनिकल मीटर लगाए गए थे। उन्हें फ्रेंचाइजी द्वारा बदला जा रहा है। शहर में ऐसे करीब 25 से 30 हजार उपभोक्ता हैं, जिनके यहां ये मीटर लगे हैं। फ्रेंचाइजी इन्हीं उपभोक्ताओं के यहां मीटर बदलेगी। मीटर मैनेजमेंट ग्रुप के अधिकारियों का कहना है पुराने खराब मीटर भी बदले जाएंगे। इसके अलावा उपभोक्ता मीटर खराब होने की शिकायत करता है तो उसके मीटर की लैब में जांच करवाई जाएगी। मीटर खराब होने की पुष्टि होने पर नया मीटर लगाया जाएगा।
दूसरी तरफ उपभोक्ताओं की शिकायत है कि मीटर ठीक होने के बावजूद बदला जा रहा है। मीटर नहीं बदलने देने पर कनेक्शन काटने का नोटिस दिया जा रहा है। जबकि पिछले माह विधायक डॉ. मोहन यादव, घटि्टया विधायक सतीश मालवीय के सामने सीई आरके शर्मा ने कहा था कि उपभोक्ताओं के मीटर जबरन नहीं बदले जाएंगे।
''जिन उपभोक्ताओं के यहां मैकेनिकल इलेक्ट्रो मैकेनिकल मीटर लगे हैं, उनके यहां मीटर लगाए जा रहे हैं। ऐसे करीब 25 हजार उपभोक्ता हैं।'' धीरज मेहता, मीटर मैनेजमेंट ग्रुप हेड, एस्सेल कंपनी
रीडिंग का फोटो ठीक से नहीं आने पर बदले जाएंगे मीटर: फ्रेंचाइजी द्वारा मीटर की रीडिंग फोटो के माध्यम से ली जा रही है। फोटो में रही रीडिंग से बिल तैयार होता है। यह फोटो बिल पर चस्पा रहता है। मीटर में रीडिंग ठीक ढंग से नहीं दिख पाने तथा डिस्प्ले गायब होने पर नए मीटर लगाए जा रहे हैं। फ्रेंचाइजी का दावा है कि नए मीटर सुरक्षित हैं। उनमें वास्तविक खपत दर्शाई जाती है।
अनुमति नहीं देने पर नोटिस : पुराने मीटर नहीं बदलने देने पर उपभोक्ताओं को फ्रेंचाइजी की ओर से नोटिस दिया जा रहा है,जिसमें लिखा है कि आप नोटिस मिलने के 24 घंटे में आकलन अधिकारी/अधिकृत प्रतिनिधि को अपने परिसर में प्रवेश और कर्तव्यों का पालन करने की अनुमति दें। यानी उन्हें मीटर बदलने दिया जाए। सहमति नहीं देने पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई का नोटिस दिया जा रहा है।
- जिनके यहां मैकेनिकल इलेक्ट्रो मैकेनिकल मीटर लगे, वहां डिजिटल मीटर लगेंगे।