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स्टोरेज में माल फंसने से व्यापारी भड़के, चार घंटे मंडी बंद, आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल

7 वर्ष पहले
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उज्जैन। दो बैंकों से लोन के नाम पर हुई करोड़ों की ठगी का मामला तूल पकड़ते जा रहा है। धोखाधड़ी के कारण कोल्ड स्टोरेज में व्यापारियों का माल फंसने पर अनाज तिलहन व्यवसाई संघ ने सोमवार को चार घंटे कृषि मंडी बंद रखने के बाद मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी। वहीं ठगी के मामले में जांच पूरी होने के बाद अब पुलिस मंगलवार को केस दर्ज करेगी। चककमेड़ स्थित रत्नाकर बैंक लिमिटेड और बैंक ऑफ इंडिया से कोल्ड स्टोरेज में रखे आलू-चने पर लोन के नाम पर करीब आठ करोड़ की धोखाधड़ी हुई है।
मामला सामने आने के बाद तीन व्यापारी दो किसानों का लाखों रुपए का हजारों क्विंटल डालर चना स्टोरेज में फंस गया। उसे निकालने के लिए वे स्टोरेज संचालक संचालक, कर्मचारी, पुलिस प्रशासन के चक्कर लगा रहे थे। सुनवाई नहीं होने पर व्यापारियों ने 11.30 बजे से मंडी में खरीदी बंद कर दी। मौके पर पहुंचे सीएसपी नीतेश भार्गव विजय डावर के कहने पर दोपहर 2.30 बजे मंडी चालू हो सकी।
बाद में मंडी अध्यक्ष बहादुरसिंह बोरमुडंला, संचालक विक्रमसिंह पटेल, तिलहन संघ के निमेश अग्रवाल, जीतेंद्र अग्रवाल माधवनगर थाने पहुंचे। पुलिस ने स्टोरेज मैनेजर अवधेश बड़गोत्या को बुलाकर व्यापारियों की बात करवाई। अवधेश माल निकालने काे तैयार नहीं हुआ तो व्यापारियों ने उससे पूछा 3 दिसंबर को राजेंद्र इंटर प्राइजेस का 1600 बोरी चना कैसे निकला। व्यापारियों ने खुद का माल होने का शपथ पत्र देकर पुलिस से माल निकलवाने का कहा लेकिन बात नहीं बनने पर अनिश्चितकाल हड़ताल और अनाज ट्रांसपोर्ट बंद करने की घोषणा कर दी।
ऐसे ठगी का खुलासा : नागझिरी पर सिंह कोल्ड स्टोरेज है। इसके मालिक शहीद पार्क निवासी रवींद्रसिंह बग्गा ने स्टोरेज में रखे व्यापारियों के चने को किसानों का दर्शाकर रत्नाकर बैंक से 4.50 करोड़ का लोन लिया था। 30 नवंबर को बग्गा की मौत के बाद बैंक ने स्टोरेज से माल निकलने पर रोक लगा दी थी। बावजूद व्यापारी अशोक तल्लेरा माल निकाल ले गए थे। इस पर बैंक अधिकारियों ने तल्लेरा पर लूट का आरोप लगाया तो तल्लेरा ने खुद का माल होने के प्रमाण बताते हुए लोन लेने की बात से इंकार किया। जांच से ठगी का खुलासा हो गया। पता चला बग्गा ने स्टोरेज बनाने आलू के नाम पर बैंक ऑफ इंडिया से 3.50 करोड़ रुपए लोन लिया था।
कृषि उपज मंडी में पुलिस के सामने आक्रोश व्यक्त करते मंडी अध्यक्ष बोरमंुंडला अन्य व्यापारी।
कितना फंसा माल
नाम डालर चना
अशोक तल्लेरा 500 क्विंटल
भरत इंटर प्राइजेस 526 क्विंटल
विक्रम सिंह पटेल 186 बोरी
गोविंद खंडेलवाल 181 बोरी
हाकमसिंह पटेल 185 बोरी

'' बैंक से लोन के नाम पर हुई करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में जांच पूरी हो गई है, मंगलवार को केस दर्ज करेंगे।'' एमएस वर्मा, एसपी।

''स्टोरेज में माल फंसने से व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। एक सप्ताह से व्यापारी पुलिस प्रशासन के चक्कर लगा रहा है। सुनवाई नहीं होने पर मंडी में अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है।''- निमेश अग्रवाल, अनाजतिलहन व्यवसाई संघ, कृषि उपज मंडी

सेंट्रल बैंक के 36 खाते सील : पुलिस काे पता चला है कि किसानों के नाम से लिए लोन की राशि सेंट्रल बैंक के 36 खातों में जमा हुई। कुछ खातों में अब भी लाखों रुपए हैं। इसलिए बैंक को नोटिस देकर जानकारी मांगी और सभी खाते सील करने का कहा है।
टीआई आरके सिंह ने बताया मामले में रीना बग्गा, स्टोरेज मैनेजर अवधेश, सुदर्शन चौधरी, किसान दयाराम, नंदकिशोर, रघुनंदन, दीनदयाल, सुरेसिंह, बिहारी लाल, पूनमचंद सुमित के खिलाफ प्रमाण मिले हैं।
बैंक कर्मचारी, वेरीफिकेशन करने वाले स्टोर एग्रो कंपनी अधिकारी शंका के घेरे में हैं। धारा 420 407 का केस दर्ज कर मंगलवार से आरोपियों को तलाश करेंगे।
- बैंक लोन ठगी कांड| धोखाधड़ी मामले में जांच पूरी, स्टोरेज संचालिका सहित एक दर्जन आरोपियों पर आज केस दर्ज होगा।