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निगम के स्टोरकीपर की 1.42 करोड़ की संपत्ति होगी राजसात
भास्कर संवाददाता| इंदौर/उज्जैन
उज्जैननगर निगम के स्टोर कीपर नरेंद्र देशमुख की एक करोड़ 42 लाख रुपए की अनुपातहीन संपत्ति राजसात होगी। राज्य सरकार की अनुमति के बाद लोकायुक्त टीम उज्जैन ने इंदौर की विशेष अदालत में आवेदन पेश कर दिया।
उज्जैन लोकायुक्त के तत्कालीन एसपी अरूण मिश्रा के नेतृत्व में 7 दिसंबर 2012 को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी देशमुख के गोवर्धनधाम नगर स्थित निवास पर छापा मारकर एक करोड़ 59 लाख रु. की अनुपातहीन संपत्ति पकड़ी थी। राज्य शासन ने भ्रष्टों की संपत्ति राजसात करने के निर्णय के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2011 के तहत इंदौर में विशेष अदालत का गठन किया है। इसका कार्यक्षेत्र उज्जैन भी है। लोकायुक्त ने अधिनियम के तहत देशमुख की संपत्ति राजसात करने के लिए राज्य शासन से अनुमति मांगी थी। राज्य शासन की उच्च स्तरीय कमेटी ने प्रकरण का अध्ययन कर प्रकरण अनुमति प्रदान कर दी।
सोमवार को लोकायुक्त उज्जैन के डीएसपी एस.एस. उदावत प्रकरण आवेदन लेकर विशेष अदालत इंदौर में पेश हुए। विशेष न्यायाधीश अवनींद्रकुमार सिंह के समक्ष आवेदन विशेष अदालत के नियुक्त वरिष्ठ विशेष लोक अभियोजक आर.एन. भार्गव ने पेश किया। आवेदन में कहा गया है कि चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी देशमुख के यहां छापे में एक करोड़ 59 लाख 13,962 रुपए की आय से अधिक संपत्ति मिली थी। छानबीन करने पर पता चला कि उसकी नियुक्त 14 जनवरी 80 को हुई थी और उसने वेतन के रूप में अब तक 16 लाख 63 हजार 923 रुपए प्राप्त किए। आवेदन में कहा गया कि वेतन की राशि कम करके शेष एक करोड़ 42 लाख रुपए की संपत्ति राजसात की जाए। अदालत ने आवेदन स्वीकार करते हुए आरोपी को जवाब देने के लिए 8 जनवरी 2015 तय की।
विशेष अदालत में लोकायुक्त ने दिया आवेदन