पंचक्रोशी मार्ग का 60% हिस्सा खराब
पंचक्रोशी पड़ावों को रूरल टूरिज्म सेंटर बनाएंगे
पंचक्रोशीमार्ग का 60 प्रतिशत हिस्सा खराब हो चुका है। कई जगह गड्ढे होने से आवागमन में परेशानी रही है। लोक निर्माण विभाग ने तीन साल पहले इसका निर्माण कराया था। ठेकेदार को तीन साल तक इसका रख रखाव करना था लेकिन रख-रखाव नहीं होने से मार्ग खराब होता चला गया। ठेकेदार की गारंटी अवधि हालांकि जनवरी में ही समाप्त हो चुका है लेकिन इसके पहले विभाग उसकी परफार्मेंस गारंटी राशि जब्त करने की कार्रवाई कर चुका है। अब सिंहस्थ योजना में इसके निर्माण पर 68 करोड़ रु. खर्च होगा।
सिंहस्थ की स्टैंडअप मीटिंग सोमवार को पंचक्रोशी के दो पड़ाव स्थलों पर हुई। सुबह संभागायुक्त रवींद्र पस्तौर के साथ कलेक्टर कवींद्र कियावत, एसपी एमएस वर्मा, ननि अपर आयुक्त विशालसिंह चौहान, उपायुक्त एसएन मिश्रा और अन्य विभागीय अधिकारियों के का दल पंचक्रोशी की शुरुआत वाले पटनीबाजार स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर पर पहुंचा। संभागायुक्त ने नागचंद्रेश्वर, प्रतिहारेश्वर और पंचमुखी शिव मंदिर के सुधार तथा आसपास आवागमन में बाधाएं हटाने के निर्देश दिए। इसके बाद अधिकारियों का दल उंडासा उप पड़ाव पर पहुंचा। यहां यात्रियों के लिए सुविधाएं जुटाने की जानकारी दी। पीएचई द्वार यहां 5 हजार लीटर पानी की स्थायी टंकियां बनाई गई हैं। इन्हें उंडासा ट्रीटमेंट प्लांट से भरा जाएगा।
पीएचई ईई सुनील उदिया ने बताया एक टंकी की लागत 65 हजार रु. आई है, जबकि हर साल प्लास्टिक की एक टंकी पर करीब 55 हजार रु. खर्च आता है। ये टंकियां गायब हो जाती है, टूट जाती है। स्थायी टंकी बनने से हर समय इसका उपयोग किया जा सकता है। इसी तरह की टंकियां पूरे पंचक्रोशी मार्ग और पड़ाव स्थलों पर बनाई जा रही है। कलेक्टर ने जल संसाधन के अधिकारियों को ताकीद की कि तालाब की जमीन पर खेती के लिए पट्टे देने का नियम खत्म हो चुका है, इसलिए तालाबों में खेती नहीं होने दें। दल ने पिंगलेश्वर और करोहन पड़ाव स्थल का भी निरीक्षण किया। संभागायुक्त ने पड़ाव स्थलों पर मौजूद नागरिकों और पुजारियों से बातचीत की तथा अधिकारियों को पड़ाव स्थलों पर विकास कार्य कराने के निर्देश दिए। पिंगलेश्वर में रेलवे पुलिया के नीचे सड़क बनाने की मांग की गई। करोहन में तालाब के गहरीकरण की जरूरत बताई। कलेक्टर ने कहा तालाब की मिट्टी किसान ले जा सकते हैं।
रोते हुए बताई परेशानी
करोहनपड़ाव पर अचानक एक महिला आई और कलेक्टर के पांव पकड़ते हुए बताया कि बारिश में उसके घर में पानी भर जाता है। कलेक्टर ने समस्या के निदान के निर्देश दिए। लोगों ने भी बताया खराब रास्ते पर पानी भरा रहता है इसका निर्माण होना चाहिए।
हरसोमवार सिटी बस
पुजारियोंसे चर्चा के दौरान पस्तौर ने कहा कि यदि हर सोमवार पंचक्रोशी पड़ावों के लिए सिटी बस चलाई जाए तो सामान्य दिनों में भी इन मंदिरों में दर्शनार्थियों की संख्या बढ़ सकती है। करोहन के लोगों ने बताया कि पहले सिटी बस चलती थी लेकिन बंद हो गई।
संभागायुक्त ने पंचक्रोशी पड़ाव स्थलों को रूरल टूरिज्म सेंटर के रूप में विकसित करने को कहा। इसकी योजना बनाने के लिए जिपं सीईओ के नेतृत्व में वन और पर्यटन निगम के अधिकारियों की समिति तय की। कलेक्टर से भी उन्होंने कहा आप महाराष्ट्र घूम कर आओ। इंटरनेट से रुरल टूरिज्म की व्यवस्था करने वाली निजी कंपनियों से संपर्क कर ग्रामीणों के साथ उनकी कार्यशाला कराने के निर्देश दिए। इसके लिए पड़ाव स्थलों की खाली सरकारी जमीन पर ग्रामीण आवास बनाने, पर्यटकों के लिए हट, कैंप का सामन, भोजन और अन्य सुविधाएं जुटाने को भी कहा। पस्तौर का कहना था कि महाराष्ट्र में यह योजना काफी सफल रही है।
पंचक्रोशी पड़ाव पर ग्रामीणों से चर्चा करते संभागायुक्त रवींद्र पस्तौर और अन्य अिधकारी।